शादी का कार्ड जो बन गया साइबर जाल! भीलवाड़ा की 150 महिलाओं के फोन हैक, फोनपे पिन चेंज...

भीलवाड़ा के जैन महिला मंडल व्हाट्सएप ग्रुप में ठगों ने "ललिता खमेसरा" के नाम से शादी का डिजिटल कार्ड (APK फाइल) भेजा। 150 महिलाओं में से कई ने डाउनलोड किया, फोन हैक हो गए, व्हाट्सएप अनइंस्टॉल हुआ और फोनपे पिन बदल दिया गया। महिलाओं की त्वरित सजगता से एक-दूसरे को अलर्ट कर ठगी टल गई; कोई आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। साइबर सेल जांच में जुटी।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 2, 2025 • 3:53 PM  34
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2 Nov 2025
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शादी का कार्ड जो बन गया साइबर जाल! भीलवाड़ा की 150 महिलाओं के फोन हैक, फोनपे पिन चेंज...

भीलवाड़ा, 2 नवंबर 2025: राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में साइबर ठगों का एक खतरनाक खेल तब उजागर हुआ, जब एक जैन महिला मंडल के व्हाट्सएप ग्रुप में शादी का निमंत्रण कार्ड भेजकर 150 से अधिक महिलाओं के फोनों पर कब्जा करने की कोशिश की गई। यह कोई साधारण निमंत्रण नहीं था, बल्कि एक घातक APK फाइल का जाल था, जो डाउनलोड होते ही फोन का पूरा कंट्रोल ठगों के हाथों में सौंप देती। महिलाओं की तत्काल सजगता और एक-दूसरे को अलर्ट करने से यह बड़ी ठगी की साजिश विफल हो गई। आइए, इस सनसनीखेज घटना की पूरी परतें खोलते हैं, ताकि आप भी ऐसी चालाकी से बच सकें।

घटना का पूरा घटनाक्रम: कैसे बिछा गया ठगों का जाल?

जानकारी के मुताबिक, जैन महिला मंडल का यह व्हाट्सएप ग्रुप सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के लिए बना था, जिसमें भीलवाड़ा की 150 से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई थीं। ग्रुप एक सामुदायिक मंच था, जहां सदस्य आपस में त्योहारों, कार्यक्रमों और निमंत्रणों की जानकारी साझा करती रहीं। लेकिन 28 अक्टूबर की शाम को सब कुछ बदल गया। ग्रुप में "ललिता खमेसरा" नाम की एक परिचित सदस्य के अकाउंट से एक आकर्षक शादी का डिजिटल निमंत्रण कार्ड भेजा गया। कार्ड में चमकदार डिजाइन, फूलों की सजावट और पारंपरिक शुभकामनाओं के साथ एक APK फाइल अटैच थी।शादियों के सीजन में यह संदेश बिल्कुल सामान्य लग रहा था। कई महिलाओं ने इसे दोस्त का निमंत्रण समझकर उत्सुकतावश डाउनलोड कर लिया। लेकिन जैसे ही फाइल इंस्टॉल हुई, फोन में हड़कंप मच गया। डाउनलोड के तुरंत बाद फोन हैंग हो गया—केवल कॉलिंग काम कर रही थी, बाकी सभी फंक्शन ठप। व्हाट्सएप अपने आप अनइंस्टॉल हो गया, और सबसे डरावनी बात: साइबर ठगों ने कई महिलाओं के फोनपे अकाउंट के पिन तक बदल डाले। ठगों का मकसद साफ था—बैंकिंग ऐप्स के जरिए पैसे उड़ाना, OTP चुराना और पर्सनल डेटा लूटना।पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की जांच में पता चला कि यह APK फाइल एक खतरनाक मालवेयर थी। यह एंड्रॉइड ऐप्स की इंस्टॉलेशन फाइल होती है, जो अनजाने में साइडलोडिंग के जरिए फोन में घुस जाती है। एक बार सक्रिय होते ही यह फोन के कैमरा, माइक, GPS, कॉन्टैक्ट लिस्ट, SMS और यहां तक कि बैंकिंग पासवर्ड तक एक्सेस ले लेती है। ठगों ने पहले ग्रुप में एक सदस्य का अकाउंट हैक किया, फिर उसी से फाइल को ग्रुप में भेजा, जिससे चेन रिएक्शन शुरू हो गया। अगर महिलाएं चुप रहीं होतीं, तो शायद सैकड़ों अकाउंट्स खाली हो जाते।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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