सोनिया गांधी को दिल्ली सेशन्स कोर्ट का नोटिसः 1980-81 की वोटर लिस्ट में नाम जोड़े जाने का पुराना विवाद फिर गरमाया
दिल्ली की सेशन्स कोर्ट ने सोनिया गांधी को 1980-81 में कथित रूप से भारतीय नागरिक न होने के बावजूद मतदाता सूची में नाम होने के पुराने मामले में नोटिस जारी किया। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सितंबर 2025 में शिकायत खारिज कर दी थी, अब उसके खिलाफ दायर रिवीजन याचिका पर कोर्ट ने सोनिया गांधी व दिल्ली सरकार को नोटिस भेजा है। अगली सुनवाई 6 जनवरी 2026 को होगी।
नई दिल्ली, 9 दिसंबर 2025 दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (सेशन्स कोर्ट) ने मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक आपराधिक रिवीजन याचिका पर नोटिस जारी किया है। यह मामला 45 साल पुराना है और सोनिया गांधी के उस समय मतदाता सूची में नाम होने से जुड़ा है, जब वे कथित तौर पर भारतीय नागरिक नहीं थीं।
मामला क्या है? याचिकाकर्ता (शिकायतकर्ता) का दावा है कि:वर्ष 1980-81 में दिल्ली की मतदाता सूची में सोनिया गांधी का नाम दर्ज था। उस समय सोनिया गांधी अभी भारतीय नागरिक नहीं बनी थीं (उन्होंने भारतीय नागरिकता 1983 में प्राप्त की थी)। इसलिए बिना नागरिकता के वोटर लिस्ट में नाम जोड़ा जाना गैर-कानूनी था। बाद में 1982 में उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया और 1983 में नागरिकता मिलने के बाद फिर से जोड़ा गया। याचिकाकर्ता इसे धोखाधड़ी और चुनावी अनियमितता का मामला बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह भारतीय नागरिकता अधिनियम, जनप्रतिनिधित्व कानून (Representation of People Act) और IPC की संबंधित धाराओं का उल्लंघन है।
अब तक क्या-क्या हुआ? शुरुआती शिकायत (2024-25 में) एक निजी व्यक्ति ने दिल्ली की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत दायर कर सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी।