पुलिस ने सड़क को पूरी तरह बंद करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैरिकेडिंग लगा दी थी। इसी दौरान अनूपगढ़ की तरफ से एक लग्जरी कार तेज रफ्तार में आती दिखाई दी, जिसका पहले से पीछा किया जा रहा था। तस्करों ने जैसे ही नाकाबंदी देखी, उन्होंने बिना रुके ट्रैक्टर-ट्रॉली को जोरदार टक्कर मारकर आगे निकलने की कोशिश की, लेकिन टक्कर के बाद उनकी गाड़ी वहीं बंद हो गई।
भागने की कोशिश, लेकिन पुलिस ने घेरा
कार रुकते ही दोनों आरोपी बाहर निकलकर भागने लगे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी चालाकी नहीं चल पाई और कुछ ही दूरी पर उन्हें पकड़ लिया गया पुलिस ने तुरंत दोनों को हिरासत में लेकर गाड़ी की तलाशी ली, जिसमें जो मिला उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
ड्रग्स और विदेशी हथियार बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस को कार से भारी मात्रा में नशे और हथियार मिले:
- करीब 1.50 किलो हेरोइन
- 1 किलो अफीम
- 5 विदेशी पिस्टल
- 72 जिंदा कारतूस
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खेप पाकिस्तान की तरफ से भेजी गई थी, जिससे इस पूरे मामले में अंतरराष्ट्रीय तस्करी का एंगल जुड़ गया है।
पंजाब के तस्कर गिरफ्तार
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
पाकिस्तान कनेक्शन की जांच तेज
इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि:
- ड्रग्स और हथियार दोनों एक साथ बरामद हुए
- सीमा पार से सप्लाई होने की आशंका
- संगठित तस्करी गिरोह की भूमिका
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हैं और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा खतरा
अगर यह खेप अपने गंतव्य तक पहुंच जाती, तो यह क्षेत्र में अपराध और नशे के जाल को और मजबूत कर सकती थी। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा खतरा टल गया।
श्रीगंगानगर में हुई यह घटना न सिर्फ एक पुलिस सफलता की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सीमा से सटे इलाकों में ड्रग्स और हथियारों की तस्करी कितनी बड़ी चुनौती बनी हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस इस पूरे नेटवर्क का कितना बड़ा खुलासा कर पाती है।