आदिवासी समाज के प्रखर नेता और जनसेवक नंदलाल मीणा का निधन, प्रदेश की राजनीति को अपूरणीय क्षति

राजस्थान के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदलाल मीणा का शनिवार को अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। सात बार विधायक और एक बार सांसद रहे मीणा ने आदिवासी समाज और ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति को गहरा आघात पहुंचा है।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 27, 2025 • 3:32 PM  108
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आदिवासी समाज के प्रखर नेता और जनसेवक नंदलाल मीणा का निधन, प्रदेश की राजनीति को अपूरणीय क्षति
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27 Sep 2025
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आदिवासी समाज के प्रखर नेता और जनसेवक नंदलाल मीणा का निधन, प्रदेश की राजनीति को अपूरणीय क्षति

राजस्थान के वरिष्ठ आदिवासी नेता, सात बार विधायक और एक बार सांसद रहे पूर्व मंत्री नंदलाल मीणा का शनिवार को अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। 78 वर्षीय नंदलाल मीणा लंबे समय से अस्वस्थ थे और गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से राजस्थान की राजनीति और विशेषकर आदिवासी समाज में शोक की लहर छा गई है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

नंदलाल मीणा का जन्म 25 जनवरी 1946 को प्रतापगढ़ जिले के अंबामाता का खेड़ा गांव में हुआ था। उनके पिता किशनलाल और माता देवी बाई थे। बचपन से ही सामाजिक और राजनीतिक चेतना से जुड़े नंदलाल ने उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से बीए और एलएलबी की डिग्री हासिल की। 20 जून 1968 को उनका विवाह सुमित्रा देवी से हुआ, जिन्होंने चित्तौड़गढ़ जिला प्रमुख के रूप में अपनी पहचान बनाई। उनके एक पुत्र, हेमंत मीणा, और पांच पुत्रियां हैं।

चार दशक का शानदार राजनीतिक सफर

नंदलाल मीणा का राजनीतिक जीवन चार दशकों से अधिक का रहा। उन्होंने 1977 में उदयपुर ग्रामीण (अ.ज.जा.) निर्वाचन क्षेत्र से जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में पहला विधानसभा चुनाव जीता, जिसमें उन्होंने 20,263 मत प्राप्त कर निकटतम प्रतिद्वंदी को 10,445 मतों से हराया। इसके बाद उन्होंने सात बार विधायक और 1989-1991 तक सलूंबर से लोकसभा सांसद के रूप में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया।

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