उदयपुर में दिल दहला देने वाली घटना: जिंदा बेटी को मरा मानकर पिता ने छपवाया शोक संदेश, कराया मृत्युभोज और वसीयत से किया बेदखल
उदयपुर के चौहानवास गांव में एक पिता ने अपनी विवाहित बेटी को, जो शादी के 2 महीने बाद प्रेमी के साथ भाग गई और तीन छोटे बच्चों को छोड़ दिया, सामाजिक रूप से मृत घोषित कर दिया। परिवार ने जिंदा बेटी का शोक संदेश छपवाया, मृत्युभोज (गौरणी धूप दस्तूर) कराया और वसीयत से उसे बेदखल कर सभी रिश्ते तोड़ दिए। बेटी ने परिवार की समझाइश ठुकरा दी, जिससे पिता का यह कठोर फैसला आया। यह घटना पारिवारिक सम्मान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच टकराव को उजागर करती है।
राजस्थान के उदयपुर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे समाज को हिलाकर रख दिया है। यहां एक पिता ने अपनी जीवित बेटी को सामाजिक रूप से "मृत" घोषित कर दिया। उन्होंने बेटी का शोक संदेश (शोक पत्रिका) छपवाया, हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मृत्युभोज (गौरणी धूप दस्तूर) कराया और पैतृक संपत्ति से भी उसे पूरी तरह बेदखल कर दिया। यह घटना प्रतापनगर थाना क्षेत्र के चौहानवास गांव की है, जहां परिवार ने बेटी के साथ सभी रिश्ते हमेशा के लिए तोड़ दिए।
शादी के महज 2 महीने बाद भागी बेटी