विश्व पर्यटन दिवस 2025: पश्चिमी राजस्थान की आदिवासी धरोहर का नया युग, ट्राइबल सर्किट ने जीता पर्यटकों का दिल
विश्व पर्यटन दिवस पर राजस्थान सरकार ने पश्चिमी क्षेत्र में इको-फ्रेंडली पर्यटन सर्किट शुरू की, जो आदिवासी संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी। वहीं, बाड़मेर के कीराडू मंदिर जैसे खूबसूरत स्थल सरकारी उपेक्षा के कारण नशे के अड्डे बन गए हैं, जिससे सांस्कृतिक धरोहर और युवा पीढ़ी खतरे में है।
दुनिया भर में आज विश्व पर्यटन दिवस मनाया जा रहा है, जिसकी थीम 'पर्यटन और सतत परिवर्तन' है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) द्वारा हर साल 27 सितंबर को मनाए जाने वाले इस दिवस पर राजस्थान सरकार ने पश्चिमी क्षेत्र के रेगिस्तानी इलाकों को पर्यटन का नया केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे जिलों में नई पर्यटन सर्किट विकसित की जा रही हैं, जो आदिवासी संस्कृति, रेगिस्तानी जीवनशैली और सीमा क्षेत्र की गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। यह पहल न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगी, बल्कि स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर देगी।
थीम पर फोकस: सतत पर्यटन की नई लहर
इस वर्ष की थीम के अनुरूप, राजस्थान पर्यटन विभाग ने 'ग्रीन टूरिज्म' को प्राथमिकता दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में 73 प्रतिशत यात्री अब सतत पर्यटन को प्राथमिकता दे रहे हैं, और राजस्थान इस ट्रेंड का नेतृत्व कर रहा है। पश्चिमी राजस्थान में विकसित हो रही नई सर्किट में इको-फ्रेंडली कैंपिंग, आदिवासी हस्तशिल्प प्रदर्शन और डेजर्ट सफारी शामिल हैं। पर्यटन मंत्री का कहना है, "ये सर्किट न केवल आर्थिक विकास लाएंगे, बल्कि जल संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी जागरूकता फैलाएंगे।" आज के दिन राजस्थान के प्रमुख किले और स्मारक, जैसे जैसलमेर का सोनार किला और जोधपुर का मेहरानगढ़ किला, में निःशुल्क प्रवेश की सुविधा दी गई है, जिससे हजारों पर्यटक लाभान्वित हो रहे हैं।
पश्चिमी राजस्थान का सकारात्मक परिवर्तन: आदिवासी और रेगिस्तानी पर्यटन का उदय
पश्चिमी राजस्थान, जो रेगिस्तान की रहस्यमयी सुंदरता के लिए जाना जाता है, अब आदिवासी संस्कृति को पर्यटन से जोड़ रहा है। हाल ही में लॉन्च हुई 'ट्राइबल सर्किट' में बाड़मेर के रैकाबड़ी गांव और जैसलमेर के सम दूनी जैसे स्थान शामिल हैं, जहां पर्यटक स्थानीय कारीगरों से सीख सकते हैं। राजस्थान डेजर्ट ट्रायल मार्ट (आरडीटीएम) 2025 की सफलता ने राज्य को एमआईसीई (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस एंड एग्जिबिशन) हब के रूप में मजबूत किया है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो सतत विकास मॉडल का प्रमाण है। एक पर्यटक ने कहा, "यहां की सर्किट न केवल साहसिक हैं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भी।"