ईंट-गारे से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक, जानिए कैसे 'विकसित भारत' गढ़ रहे हैं आज के इंजीनियर?

15 सितंबर को इंजीनियर्स डे के मौके पर जानिए सर एम. विश्वेश्वरैया के अतुलनीय योगदान, AI के दौर में इंजीनियरिंग की नई चुनौतियों और भारत के तकनीकी भविष्य के बारे में।

yashaswani
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor
September 15, 2026 • 1:03 PM  0
जॉब्स एंड एजुकेशन
NEWS CARD
Logo
ईंट-गारे से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक, जानिए कैसे 'विकसित भारत' गढ़ रहे हैं आज के इंजीनियर?
“ईंट-गारे से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक, जानिए कैसे 'विकसित भारत' गढ़ रहे हैं आज के इंजीनियर?”
Favicon
Read more on thekhatak.com/s/39273f
15 Sep 2026
https://thekhatak.com/s/39273f
Google News
Copied
ईंट-गारे से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक, जानिए कैसे 'विकसित भारत' गढ़ रहे हैं आज के इंजीनियर?

भारत के विकास की नींव में इंजीनियरिंग का अहम योगदान रहा है और इसी योगदान को सलाम करने के लिए देश में हर साल 15 सितंबर को 'इंजीनियर्स डे' (Engineers' Day) मनाया जाता है। यह दिन महान इंजीनियर, प्रशासक और 'भारत रत्न' से सम्मानित सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने साबित किया था कि तकनीक सिर्फ निर्माण का साधन नहीं, बल्कि देश के सामाजिक और आर्थिक विकास की चाबी है।

जल प्रबंधन से लेकर उद्योग तक: विश्वेश्वरैया की दूरदर्शी सोच

15 सितंबर 1861 को जन्मे सर एम. विश्वेश्वरैया ने उस दौर में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी, जब भारत में तकनीक शुरुआती चरण में थी।

yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter