दौसा हत्याकांड: पारिवारिक रंजिश ने छीनी पिता-पुत्र की जिंदगी, गांव में दहशत
दौसा के खवारावजी गांव में शुक्रवार रात तान सिंह (70) और उनके बेटे घनश्याम की लाठी-डंडों से पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पारिवारिक रंजिश और घनश्याम की पत्नी के पीहर वालों के साथ विवाद को हत्या का कारण माना जा रहा है। पुलिस ने जांच शुरू की, फोरेंसिक सबूत जुटाए, और आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। घटना ने गांव में दहशत और आक्रोश फैला दिया, लोग सदमे में हैं।
दौसा जिले के नांगल थाना क्षेत्र के खवारावजी गांव में शुक्रवार देर रात एक दिल दहलाने वाला हत्याकांड हुआ, जिसमें 70 वर्षीय तान सिंह और उनके 35 वर्षीय बेटे घनश्याम सिंह की लाठी-डंडों और लात-घूसों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस जघन्य वारदात ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है, और इलाके में सनसनी फैल गई है।
क्या हुआ उस रात?
पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 11 बजे तान सिंह के घर से चीख-पुकार और मारपीट की आवाजें सुनाई दीं। पड़ोसियों ने हिम्मत जुटाकर मौके पर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन जब तक वे वहां पहुंचे, हमलावर फरार हो चुके थे। घर के अंदर तान सिंह और घनश्याम खून से लथपथ पड़े थे। घटना की सूचना मिलते ही नांगल थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा, और फोरेंसिक जांच शुरू की।
हत्या की वजह: पारिवारिक कलह
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड की जड़ घनश्याम की पत्नी और उनके ससुराल पक्ष के साथ लंबे समय से चली आ रही अनबन थी। एसीपी दिनेश अग्रवाल ने बताया कि घनश्याम की पत्नी का अपने पति और ससुर के साथ अक्सर विवाद होता था। तान सिंह की पत्नी भी कुछ समय पहले तंग आकर अपने मायके चली गई थीं। शुक्रवार रात घनश्याम की पत्नी के रिश्तेदार उनके घर पहुंचे। बातचीत जल्द ही बहस में बदली, और फिर हिंसक हमले में, जिसने तान सिंह और घनश्याम की जान ले ली।