श्रीनगर में ईद-उल-अजहा पर जामा मस्जिद और ईदगाह में नमाज पर रोक, नेताओं ने जताई नाराजगी
श्रीनगर में ईद-उल-अजहा 2025 के मौके पर जामा मस्जिद और ईदगाह में सातवें साल भी नमाज पर रोक लगाई गई, मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद किया गया। उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती सहित नेताओं ने इसकी निंदा की, जबकि हजरतबल दरगाह सहित अन्य स्थानों पर नमाज शांतिपूर्ण रही।
ईद-उल-अजहा के पावन अवसर पर श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद और ईदगाह में लगातार सातवें साल ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई। अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद के अनुसार, प्रशासन ने जामा मस्जिद के दरवाजे बंद कर दिए और फज्र की नमाज सहित ईद की नमाज पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इसके अलावा, ईद का खुतबा देने वाले प्रमुख धार्मिक नेता मीरवाइज उमर फारूक को भी नजरबंद कर दिया गया।
मीरवाइज ने इस कदम को मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों का घोर उल्लंघन करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "यह न केवल धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि कश्मीर के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम भी है।"
नेताओं ने जताई नाराजगी
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन प्रतिबंधों पर गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, "लोगों पर भरोसा किया जाना चाहिए। धार्मिक आयोजनों पर इस तरह की पाबंदियां न केवल गलत हैं, बल्कि समाज में विश्वास की कमी को भी दर्शाती हैं।"