10 क्विंटल चूरमा… आखिर किसके लिए? पोकरण में अनोखी परंपरा ने बढ़ाया उत्साह!
हनुमान जयंती के अवसर पर जैसलमेर और पोकरण क्षेत्र में भव्य धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। बांकना और सालमसागरधीश हनुमान मंदिरों में 351 किलो आटे से विशाल “एकल रोट” तैयार कर करीब 10 क्विंटल चूरमे का महाप्रसाद बनाया जा रहा है। यह प्रक्रिया 36 से 48 घंटे में पूरी होती है। वहीं शहर के गजटेड हनुमान मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें झांकियां, ऊंट-घोड़े और धार्मिक झलकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। दिनभर यज्ञ, हवन और शाम को महाआरती व प्रसाद वितरण होगा।
जैसलमेर 1 अप्रैल 2026 :- हनुमान जयंती के अवसर पर जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र सहित पूरे शहर में इस बार खास उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं के लिए विशाल स्तर पर महाप्रसाद तैयार किया जा रहा है, जो इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता बन गया है।
10 क्विंटल चूरमे का महाप्रसाद तैयार
पोकरण कस्बे में स्थित बांकना हनुमान और सालमसागरधीश हनुमान मंदिरों में परंपरागत तरीके से “एकल रोट” बनाकर उससे चूरमा तैयार किया जा रहा है। इस बार करीब 351 किलो आटे से विशाल रोट तैयार किया जा रहा है, जिससे लगभग 1000 किलो (10 क्विंटल) चूरमा बनेगा।