परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: दो साल में नौ जिंदगियां खोईं
खेड़ी साध गांव के दीपांशु, उनकी मां प्रमिला, और बहन साक्षी की दौसा सड़क हादसे में मौत; दो साल में परिवार ने खोए नौ लोग।
हरियाणा के रोहतक जिले के खेड़ी साध गांव में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। राजस्थान के दौसा में हुए एक भीषण सड़क हादसे में गांव के निवासी दीपांशु (20), उनकी मां प्रमिला देवी (40), और बहन साक्षी (16) की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में एक अन्य महिला, पारो देवी (60), जिनका परिवार के साथ दूर का रिश्ता था, ने भी अपनी जान गंवाई। यह हादसा शुक्रवार देर रात (27 जून 2025) करीब 12:15 बजे जयपुर-आगरा हाईवे पर दौसा के कलेक्ट्रेट चौराहे के पास हुआ, जब इनकी कार एक खड़े कैंटर से टकरा गई। इस त्रासदी ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है, क्योंकि इस परिवार ने पिछले दो साल में नौ लोगों को खो दिया है।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब परिवहन विभाग (RTO) की टीम हाईवे पर चेकिंग कर रही थी और एक कैंटर को सड़क किनारे रोका गया था। दीपांशु द्वारा चलाई जा रही कार, जो तेज गति में थी, इस कैंटर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए, और कार में सवार चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया, जिसे पुलिस ने वाहनों को हटाकर सुचारू करवाया। पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
परिवार के अनुसार, दीपांशु और उनके परिवार के 12 अन्य सदस्य तीन अलग-अलग गाड़ियों में सवार होकर मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के दर्शन के लिए शुक्रवार शाम को घर से निकले थे। दीपांशु की कार रास्ता भटक गई और जयपुर की ओर चली गई, जबकि बाकी लोग मंदिर पहुंच गए थे। रात के समय हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।