अजमेर में सोना बेचने के नाम पर 2.15 लाख रुपये की धोखाधड़ी: कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज
अजमेर में परिचित तरूण सोनी ने सोना बेचने के नाम पर अंकुश वशिष्ठ से 2.15 लाख रुपये ठग लिए। सोना न देकर बहानेबाजी की और पैसे भी नहीं लौटाए। नोटिस के बाद भी कोई असर न होने पर पीड़ित ने कोर्ट में परिवाद दायर किया, जिसके आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अजमेर शहर में एक बार फिर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां परिचित व्यक्ति ने सोना बेचने का झांसा देकर एक युवक से 2 लाख 15 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित ने पहले आरोपी से संपर्क किया था, लेकिन बाद में न सोना दिया गया और न ही पैसे लौटाए गए। लंबी मशक्कत के बाद पीड़ित को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जिसके आदेश पर अब पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण पीड़ित अंकुश वशिष्ठ अरावली विहार वैशाली नगर, अजमेर के निवासी हैं। उनका आरोप है कि आरोपी तरूण सोनी उनका पुराना परिचित था। इसी विश्वास के चलते, जब उनके ससुराल पक्ष में सोने की आवश्यकता पड़ी, तो अंकुश ने 8 अगस्त 2024 को तरूण सोनी से संपर्क किया। वे तरूण के घर गए और 30 ग्राम सोने की खरीद के लिए बात की।तरूण सोनी ने उस समय के बाजार भाव के अनुसार 30 ग्राम सोने की कीमत 72,500 रुपये प्रति 10 ग्राम बताई (जो सामान्य रूप से सही लग रही थी)। हालांकि, कुल राशि के लिए अंकुश ने उसे एडवांस में 2 लाख 15 हजार रुपये नकद दे दिए। समझौता यह था कि सोना मिलने पर शेष राशि (यदि कोई बचे) का भुगतान कर दिया जाएगा। अंकुश का मानना था कि परिचित होने के कारण कोई दिक्कत नहीं आएगी।
आरोपी की बहानेबाजी और टालमटोल सोना देने का वादा करने के बावजूद, एक सप्ताह बीतने के बाद भी तरूण सोनी ने सोना नहीं दिया। जब अंकुश ने टोका तो आरोपी बहाने बनाने लगा। पीड़ित ने कई बार फोन किए, मैसेज भेजे, लेकिन हर बार टालमटोल किया गया। आखिरकार, जब सोना नहीं मिला तो अंकुश ने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोपी ने पैसे लौटाने से भी इनकार कर दिया।