अजमेर में रिटायर्ड लोको पायलट से 9.94 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी: पेंशन शुरू करने के बहाने मोबाइल हैक कर निकाले पैसे

अजमेर में रिटायर्ड लोको पायलट अमर सिंह लवासिया के साथ साइबर ठगों ने पेंशन शुरू करने के बहाने ठगी की। ठगों ने खुद को पेंशन विभाग का अधिकारी बताकर परिवार से संपर्क किया, फॉर्म के नाम पर डिटेल्स लीं, मोबाइल हैक किया और बैंक अकाउंट से अलग-अलग ट्रांजैक्शन कर 9.94 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित को ट्रांजैक्शन की कोई सूचना नहीं मिली। मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई गई है और पुलिस जांच कर रही है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 13, 2025 • 1:49 PM  10
क्राइम
NEWS CARD
Logo
अजमेर में रिटायर्ड लोको पायलट से 9.94 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी: पेंशन शुरू करने के बहाने मोबाइल हैक कर निकाले पैसे
“अजमेर में रिटायर्ड लोको पायलट से 9.94 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी: पेंशन शुरू करने के बहाने मोबाइल हैक कर निकाले पैसे”
Favicon
Read more on thekhatak.com
13 Dec 2025
https://thekhatak.com/ajmer-retired-loco-pilot-cyber-fraud-pension-scam-9-94-lakh
Google News
Copied
अजमेर में रिटायर्ड लोको पायलट से 9.94 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी: पेंशन शुरू करने के बहाने मोबाइल हैक कर निकाले पैसे

अजमेर (राजस्थान) से साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें रिटायर्ड लोको पायलट को ठगों ने पेंशन शुरू करने के नाम पर झांसे में लेकर करीब 9.94 लाख रुपये की ठगी कर दी। ठगों ने पीड़ित के मोबाइल को हैक कर लिया, जिससे बैंक ट्रांजैक्शन की कोई सूचना पीड़ित को नहीं मिली। मामला सामने आने पर पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित की पहचान और घटना का विवरण पीड़ित का नाम अमर सिंह लवासिया है, जो अजमेर के भगवानगंज इलाके में रहते हैं। वे रेलवे से लोको पायलट के पद से रिटायर्ड हैं। ठगों ने रेलवे पेंशन विभाग के एपीओ (असिस्टेंट पर्सनल ऑफिसर) अधिकारी बनकर पीड़ित के परिवार से संपर्क किया।शिकायत के अनुसार, सबसे पहले पीड़ित के मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात कॉल आया। फोन पीड़ित की पत्नी ने उठाया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को पेंशन विभाग का अधिकारी बताया और पेंशन संबंधी कुछ औपचारिकताओं की बात की। इसके बाद पीड़ित के बेटे ने भी कॉलर से बातचीत की। बेटे ने विश्वास में आकर अपना या परिवार का दूसरा मोबाइल नंबर कॉलर को दे दिया।जब पीड़ित घर पहुंचे, तो कॉलर ने दोबारा संपर्क किया। इस बार ठग ने झांसा दिया कि वह उनकी पेंशन जल्द शुरू करवा देगा। इसके लिए एक फॉर्म भरवाने की बात कही गई। ठग ने मोबाइल पर एक फॉर्म भेजा और पीड़ित से सभी जरूरी डिटेल्स (जैसे बैंक अकाउंट, पर्सनल जानकारी आदि) मंगवाईं। पीड़ित ने ठगों के निर्देशों का पालन करते हुए सारी जानकारी प्रदान कर दी।

ठगी कैसे हुई? ठगों ने पीड़ित को एटीएम जाने के लिए कहा। इसी दौरान उन्होंने पीड़ित के बेटे से संपर्क कर एटीएम और बैंक अकाउंट से जुड़ी संवेदनशील जानकारी (जैसे पिन, ओटीपी आदि) हासिल कर ली। ठगों ने किसी एप या लिंक के जरिए पीड़ित के मोबाइल को हैक कर लिया था, जिससे बैंक से होने वाले ट्रांजैक्शन की कोई एसएमएस अलर्ट या नोटिफिकेशन पीड़ित के फोन पर नहीं आई।इसके बाद ठगों ने अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से पीड़ित के बैंक अकाउंट से कुल 9 लाख 94 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित को जब दूसरे बैंक में जाकर पता चला कि उनके अकाउंट से इतनी बड़ी रकम गायब है, तब जाकर ठगी का खुलासा हुआ।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter