अरावली को 'बचाने' नहीं, 'बेचने' की साजिश: CEC को 'कठपुतली' बनाने से लेकर सरिस्का का प्रोटेक्टेड एरिया बदलने की '48 घंटे की मंजूरी' तक, केंद्र सरकार की पोल खुली

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर अरावली को खनन माफिया के हवाले करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। CEC को कमजोर करने, सरिस्का के संरक्षित क्षेत्र की सीमा बदलने की जल्दबाजी और भ्रष्टाचार की शिकायतों के आधार पर उन्होंने भूपेंद्र यादव के दावों को भ्रामक बताया।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 22, 2025 • 8:43 PM  16
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अरावली को 'बचाने' नहीं, 'बेचने' की साजिश: CEC को 'कठपुतली' बनाने से लेकर सरिस्का का प्रोटेक्टेड एरिया बदलने की '48 घंटे की मंजूरी' तक, केंद्र सरकार की पोल खुली
“अरावली को 'बचाने' नहीं, 'बेचने' की साजिश: CEC को 'कठपुतली' बनाने से लेकर सरिस्का का प्रोटेक्टेड एरिया बदलने की '48 घंटे की मंजूरी' तक, केंद्र सरकार की पोल खुली”
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22 Dec 2025
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अरावली को 'बचाने' नहीं, 'बेचने' की साजिश: CEC को 'कठपुतली' बनाने से लेकर सरिस्का का प्रोटेक्टेड एरिया बदलने की '48 घंटे की मंजूरी' तक, केंद्र सरकार की पोल खुली

2002 में पर्यावरण संरक्षण के लिए बनी केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) को 5 सितंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट से हटाकर सरकार के अंदर लाते ही शक्तिविहीन किया।भूपेन्द्र यादव आज अरावली का प्रोटेक्टेड एरिया समझा रहे हैं, वे स्वयं जून 2025 में सरिस्का के प्रोटेक्टेड एरिया को बदलकर 50 खानें शुरू करना चाहते थे।

जयपुर, 22 दिसंबर 2025: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार द्वारा अरावली की परिभाषा बदलने और केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के उस दावे को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अरावली के केवल 0.19% हिस्से पर ही माइनिंग हो सकती है। वर्ष 2025 में ही केंद्र व राज्य सरकार द्वारा सरिस्का के संरक्षित क्षेत्र (प्रोटेक्टेड एरिया) में बदलाव के प्रयास को लेकर उनकी मंशा पर भी सवाल उठाया।

अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा जनता को आंकड़ों में उलझाकर बरगलाने का प्रयास कर रही है। अरावली की '100 मीटर' वाली नई परिभाषा को अकेले नहीं, बल्कि दो अन्य बड़े फैसलों के साथ जोड़कर देखा जाना चाहिए, जो यह साबित करते हैं कि यह पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि संस्थाओं पर कब्जा (इंस्टीट्यूशनल कैप्चर) कर अरावली को खनन माफिया को देने की तैयारी है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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