अशोक गहलोत ने उठाया वोटर लिस्ट का मुद्दा, लोकतंत्र पर जताई चिंता
स्वतंत्रता दिवस पर अशोक गहलोत ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और 'वोट चोरी' का मुद्दा उठाते हुए लोकतंत्र पर चिंता जताई, निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा। कांग्रेस इस मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन जारी रखेगी।
भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने एक बार फिर देश में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा बार-बार उठाए जा रहे 'वोट चोरी' के मुद्दे का समर्थन करते हुए देश में लोकतंत्र की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। गहलोत ने कहा कि वोट हर नागरिक का सबसे बड़ा अधिकार और सम्मान है, लेकिन अगर यह अधिकार ही छीन लिया जाए तो लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जाएगा?
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर सवाल, निर्वाचन आयोग पर निशाना
जयपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा, "वोट किसी भी व्यक्ति की ताकत है। यह वह हक है, जिसके कारण लोग उसकी बात सुनते हैं। लेकिन अगर वोटर लिस्ट में ही गड़बड़ी हो रही है, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।" उन्होंने सवाल उठाया कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी किस स्तर पर हो रही है और इसकी जांच को लेकर निर्वाचन आयोग की क्या मंशा है। गहलोत ने आयोग से इस मामले में स्पष्ट जवाब देने की मांग की और कहा कि अगर आयोग अपनी स्थिति स्पष्ट कर दे, तो लोगों का भरोसा कायम हो सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि देश में 'वोट चोरी' की जा रही है और लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। गहलोत ने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक इस मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन कर रही है और यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।"