बांसवाड़ा जिले के टामटिया गांव में हुई एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। 26 अप्रैल की शाम हुई इस घटना में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसके बाद गांव में तनाव इतना बढ़ा कि आगजनी और हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक किसी काम से अकेला बाइक पर जा रहा था। तभी अचानक 7 युवकों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। बचने के लिए उसने बाइक खेत की ओर मोड़ दी, लेकिन वहां हालात और बिगड़ गए।
एक चश्मदीद महिला के अनुसार, बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई और हमलावरों ने युवक को नीचे गिराकर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए। कुछ ही पलों में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई।
हमलावरों ने वारदात के बाद मौके से भागते हुए कहा—
“काम हो गया है, चलो यहां से भागो…”
हत्या के बाद भड़का गांव
घटना की खबर फैलते ही दूसरे पक्ष में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और पहले पक्ष की बस्ती की ओर बढ़ गए। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और सड़क जाम कर दी गई।
इसके बाद भीड़ ने कई घरों में आग लगा दी, जिसमें 30 से अधिक मकानों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। गांव में अफरा-तफरी और डर का माहौल फैल गया।
अलग-अलग दावे और विवाद
इस पूरे मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
मृतक के परिवार का कहना है कि युवक निर्दोष था और उसका किसी भी तरह का प्रेम-प्रसंग नहीं था।
मां और बहन ने आरोप लगाया कि आरोपी परिवार लंबे समय से धमकियां दे रहा था।
वहीं कुछ लोग इस घटना को पुरानी रंजिश से जोड़कर देख रहे हैं।
परिवार का यह भी कहना है कि उनके बेटे को पहले से ही निशाना बनाया जा रहा था।
अफवाहों और सच्चाई का टकराव
कुछ जगहों पर प्रेम-प्रसंग से जुड़ी बातें सामने लाई जा रही हैं, लेकिन ग्रामीणों और परिवार ने इसे पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि युवक का व्यवहार हमेशा शांत और जिम्मेदार रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना अचानक नहीं हुई बल्कि पहले से चली आ रही रंजिश का परिणाम है।
पुलिस कार्रवाई और मौजूदा स्थिति
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में किया। अब तक 3 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की और हिंसा को रोका जा सके। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बना हुआ है।
टामटिया गांव की यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उसके बाद भड़की हिंसा और अलग-अलग दावों के कारण एक गंभीर सामाजिक और कानूनी मामला बन गई है। असली सच क्या है, यह पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह सामने आ पाएगा, लेकिन फिलहाल पूरा गांव दहशत और सवालों के बीच खड़ा है।