बाड़मेर महा-समझौता: मोर्चरी के बाहर धरना खत्म, पीड़ित परिवार को ₹37 लाख और 3 नौकरियां, मजदूरों से वार्ता आज
बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइन्स विवाद और मोर्चरी के बाहर चल रहा धरना आखिरकार समाप्त हो गया है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में पिछले कई दिनों से गरमाया हुआ गिरल लिग्नाइट माइन्स विवाद और मोर्चरी के बाहर चल रहा धरना आखिरकार बड़े समझौते के साथ समाप्त हो गया है। प्रशासन, जनप्रतीनिधियों और पीड़ित पक्ष के बीच हुई मैराथन वार्ता के बाद सहमति का रास्ता साफ हुआ, जिसके बाद प्रशासन और पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
मंत्री के.के. विश्नोई और विधायक आदूराम मेघवाल ने निभाई मुख्य भूमिका
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार के मंत्री के.के. विश्नोई ने इस पूरे घटनाक्रम में सक्रिय मध्यस्थता की। उनके साथ ही चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल की मौजूदगी में हुई वार्ता सफल रही। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए इस समन्वय के बाद ही धरने पर बैठी संघर्ष समिति और परिजनों ने मांगों पर सहमति जताई।