गरीबों को मिलता रहा 'स्टॉक खत्म' का जवाब, जांच हुई तो खुला 3011 क्विंटल गेहूं घोटाला, 7 डीलरों पर कार्रवाई
दौसा में गरीबों को "स्टॉक खत्म" कहकर राशन से वंचित किया जाता रहा, जबकि रिकॉर्ड में गेहूं का वितरण दिखाया जाता था। जांच में 3011 क्विंटल गेहूं के गबन का खुलासा हुआ। सात राशन डीलरों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं, दो पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है और पांच के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दौसा | सरकार जरूरतमंद परिवारों तक मुफ्त राशन पहुंचाने के लिए हर महीने करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, ताकि कोई भी गरीब भूखा न सोए। लेकिन राजस्थान के दौसा जिले से सामने आया एक बड़ा राशन घोटाला इस पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। यहां सात राशन डीलरों पर गरीबों के हिस्से का 3011 क्विंटल गेहूं गबन करने का आरोप साबित हुआ है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद सभी सातों राशन डीलरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। दो मामलों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जबकि पांच अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं।
शिकायतों से खुला घोटाले का राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब दौसा जिले के कई गांवों के राशन कार्डधारकों ने लगातार शिकायतें भेजीं कि उन्हें महीनों से सरकारी गेहूं नहीं मिल रहा है। लाभार्थियों का आरोप था कि राशन डीलर हर बार अलग-अलग बहाने बनाकर उन्हें खाली हाथ लौटा देते थे। किसी से कहा जाता कि "सरकारी गेहूं अभी आया नहीं है", तो किसी को "स्टॉक खत्म हो गया है, अगले महीने आना" कहकर वापस भेज दिया जाता था।