पुलिस के अनुसार, प्रेमा और किरण दोनों राजाजीनगर स्थित एक मोबाइल सर्विस सेंटर में साथ काम करते थे। काम के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन समय के साथ रिश्ते में तनाव और असुरक्षा बढ़ने लगी।
जानकारी के मुताबिक, प्रेमा शादी करना चाहती थी और रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहती थी, जबकि किरण धीरे-धीरे उससे दूरी बनाने लगा था। इसी बीच प्रेमा को यह पता चला कि किरण अपनी पूर्व प्रेमिका के संपर्क में फिर से आ गया है।
उसने कथित रूप से किरण के फोन में कुछ तस्वीरें देखीं, जिनमें वह अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड के जन्मदिन समारोह में शामिल था। यही बात उसके गुस्से और ईर्ष्या का कारण बन गई।
खौफनाक साजिश की योजना
पुलिस जांच में सामने आया है कि इसके बाद प्रेमा ने कथित रूप से एक खतरनाक योजना बनाई। उसने पहले से पेट्रोल, केरोसिन और रस्सी जैसी चीजें इकट्ठा कीं। फिर उसने किरण को अकेले मिलने के बहाने अपने घर अंजनानगर में बुलाया।
सूत्रों के अनुसार, मुलाकात के दौरान दोनों के बीच बातचीत हुई, जो धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद हालात इतने बिगड़ गए कि किरण की मौत हो गई।
घटना के बाद मचा हड़कंप
घटना के दौरान आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पड़ोसियों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैल चुकी थी। बाद में पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
किरण के पिता नरसिम्हैया को भी घटना की जानकारी दी गई। जब वह मौके पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि प्रेमा ने ही अपने घर पर किरण को बुलाया था।
पुलिस जांच में खुलासा
पुलिस पूछताछ में यह सामने आया है कि प्रेमा ने स्वीकार किया कि वह रिश्ते में चल रही अनबन और प्रेमी के व्यवहार से आहत थी। उसने यह भी कहा कि उसे डर था कि किरण किसी और से शादी कर सकता है।
हालांकि, पुलिस इस पूरे मामले को पूर्व-नियोजित हत्या मानकर जांच कर रही है। सभी सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है और फोरेंसिक जांच भी जारी है।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल आरोपी प्रेमा पुलिस हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।