भजनलाल सरकार का 'भ्रष्टाचार पर ताबड़तोड़ प्रहार' 13 अधिकारियों पर सख्ती...
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनुशासनहीनता के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत 8 मामलों का निस्तारण करते हुए 13 अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की। जल जीवन मिशन में निविदा घोटाले की जांच को मंजूरी, दो अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकी, एक रिटायर्ड अधिकारी की पेंशन रोकी, दो अपीलें खारिज और एक मामला राज्यपाल को भेजा गया। सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने का संकल्प।
जयपुर, 2 नवंबर 2025: राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को और मजबूत करते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में राज्य सेवा के अधिकारियों के खिलाफ लंबित आठ महत्वपूर्ण मामलों का तेजी से निस्तारण किया गया। इस कार्रवाई से कुल 13 अधिकारियों पर अनुशासनात्मक दंड लगाया गया है, जो शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में सरकार की अटल प्रतिबद्धता को दर्शाता है।यह कदम न केवल भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनुशासनहीनता के प्रति सरकार की शून्य सहनशीलता को उजागर करता है, बल्कि राजस्थान के नागरिकों में भी विश्वास जगाने का काम कर रहा है। मुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कोई भी दोषी अधिकारी कानून की पकड़ से बच नहीं सकता। "ईमानदारी और जिम्मेदारी ही हमारी शासन की आधारशिला है। भ्रष्टाचार का कोई स्थान नहीं बर्दाश्त किया जाएगा," उन्होंने बैठक में अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा।
प्रमुख कार्रवाइयों का ब्यौरा: सख्ती का पूरा खाका
सरकार ने इन आठ मामलों में विविध प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाइयां की हैं, जो राजस्थान सिविल सेवा (सेवा की शर्तें व दंड विधि) नियमावली, 1971 (सीसीए नियम) के तहत ली गई हैं। यहां विस्तार से समझें: