आधी रात की लपटों में छुपा सच… कुछ ही मिनटों में बदल गया सबकुछ, लेकिन आखिर हुआ क्या था?

आधी रात के सन्नाटे में अचानक उठी लपटों ने पूरे इलाके को हिला दिया। एक फैक्ट्री में भड़की आग ने कुछ ही मिनटों में हालात ऐसे बदल दिए कि आसपास का क्षेत्र दहशत में आ गया। लेकिन इस रहस्यमयी आग के पीछे क्या कारण था और कैसे टला एक बड़ा हादसा—इसकी पूरी कहानी चौंका देने वाली है।

TEAM KHATAK
TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor
April 19, 2026 • 10:47 AM  14
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
आधी रात की लपटों में छुपा सच… कुछ ही मिनटों में बदल गया सबकुछ, लेकिन आखिर हुआ क्या था?
“आधी रात की लपटों में छुपा सच… कुछ ही मिनटों में बदल गया सबकुछ, लेकिन आखिर हुआ क्या था?”
Favicon
Read more on thekhatak.com
19 Apr 2026
https://thekhatak.com/bhiwadi-khushkhera-factory-fire-vijay-industries-night-blaze-gas-cylinder-saved-disaster-2026
Google News
Copied
आधी रात की लपटों में छुपा सच… कुछ ही मिनटों में बदल गया सबकुछ, लेकिन आखिर हुआ क्या था?

भिवाड़ी-खुशखेड़ा फैक्ट्री आग कांड: आधी रात भड़की आग, बड़ी दुर्घटना टली

भिवाड़ी-खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में देर रात मची अफरा-तफरी

राजस्थान के अलवर जिले के भिवाड़ी-खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार देर रात करीब 12 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां स्थित श्री विजय इंडस्ट्रीज नामक ऑयल निर्माण फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया।यह फैक्ट्री बिनोला और अन्य कच्चे माल से तेल निकालने का काम करती है, जो अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं। यही कारण रहा कि आग लगते ही स्थिति तेजी से बेकाबू हो गई और लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं।

रात का समय बना राहत का कारण

घटना के समय फैक्ट्री में उत्पादन कार्य बंद था, जिससे बड़ी जनहानि होने से बचाव हो गया। फैक्ट्री के अंदर कोई मजदूर मौजूद नहीं था, जो इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात रही।  हालांकि, फैक्ट्री परिसर में बने श्रमिक क्वार्टरों में कुछ मजदूर सो रहे थे। जैसे ही उन्होंने आग की लपटें और धुआं देखा, तुरंत सतर्कता दिखाते हुए फैक्ट्री मालिक और प्रशासन को सूचना दी।

गैस सिलेंडरों ने बढ़ाया खतरा

आग की भयावहता तब और बढ़ गई जब यह सामने आया कि फैक्ट्री परिसर में कई गैस सिलेंडर रखे हुए थे।
अगर ये सिलेंडर आग की चपेट में आकर फट जाते, तो यह घटना एक बड़े औद्योगिक विस्फोट का रूप ले सकती थी और आसपास की केमिकल व गत्ता फैक्ट्रियों को भी भारी नुकसान पहुंच सकता था। स्थिति बेहद संवेदनशील हो चुकी थी और पूरा क्षेत्र खतरे की जद में आ गया था।

TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter