बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन: खुद को रेलिंग से बांधकर प्रदर्शन, संतों की कड़ी चेतावनी - "कानून नहीं बना तो हालत खराब कर देंगे"
बीकानेर में खेजड़ी (राजस्थान के राज्य वृक्ष) की अंधाधुंध कटाई के खिलाफ 'खेजड़ी बचाओ महापड़ाव' तीसरे दिन भी जारी है। 450 से अधिक पर्यावरण प्रेमी, संत और 50+ महिलाएं बिश्नोई धर्मशाला के सामने अनिश्चितकालीन अनशन पर डटी हैं। कुछ आंदोलनकारियों ने खुद को रेलिंग से बांध लिया है, जबकि महेंद्रकुमार ने आंखों पर पट्टी बांधकर फैसला तक न खोलने की ठान ली है। संत सच्चिदानंद महाराज के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर 'निर्दयी' होने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि ट्री प्रोटेक्शन कानून नहीं बना तो हालात खराब कर देंगे। मांग है - सख्त कानून बनाकर खेजड़ी की रक्षा हो। स्थिति गंभीर होने पर 200+ पुलिस बल तैनात है, लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा।
बीकानेर, 4 फरवरी 2026: राजस्थान के राज्य वृक्ष खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई के खिलाफ बीकानेर में चल रहा "खेजड़ी बचाओ महापड़ाव" अब निर्णायक और उग्र रूप ले चुका है। बुधवार को आंदोलन के तीसरे दिन भी सैकड़ों पर्यावरण प्रेमी, संत, महिलाएं और युवा अनिश्चितकालीन अनशन पर डटे हुए हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कुछ आंदोलनकारियों ने खुद को लोहे की रेलिंग से बांध लिया है, ताकि उनकी मांग सुनी जाए और सरकार पर दबाव बढ़े।
