बताया जा रहा है कि बदमाश अपने साथ करीब 140 किलो चांदी के जेवरात, एक किलो सोने के आभूषण और लगभग 10 लाख रुपए नकद लेकर फरार हुए हैं। घटना के बाद पूरे कस्बे में भय और आक्रोश का माहौल है।
पीड़ित सर्राफा व्यवसायी महेश सोनी ने बताया कि उनका तीन मंजिला मकान है। घटना के समय वे अपनी पत्नी ऊषा सोनी के साथ दूसरी मंजिल पर सो रहे थे। वहीं पहली मंजिल पर उनकी मां कृष्णा सोनी, बहन नीतू सोनी, भाई आनंद और किडनी रोग से पीड़ित पिता बद्रीलाल सोनी मौजूद थे।
रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच हथियारों से लैस नकाबपोश बदमाश मकान में घुस आए। बदमाशों ने सबसे पहले परिवार के सदस्यों को काबू में लिया और उन्हें अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया। इस दौरान बदमाशों ने परिवार के लोगों को डराने के लिए हथियार लहराए और जान से मारने की धमकी दी।
महिलाओं के साथ मारपीट, गला दबाया
महेश सोनी की बहन नीतू सोनी ने बताया कि बदमाशों ने उसकी कनपटी पर पिस्तौलनुमा हथियार तान दिया। बदमाशों ने उसके गले से दो मंगलसूत्र, सोने की चेन और मोबाइल छीन लिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। उसका गला दबाया गया और बाल पकड़कर घसीटते हुए कमरे में बंद कर दिया गया।
परिजनों के मुताबिक सभी बदमाशों ने चेहरे पर काला कपड़ा बांध रखा था और उनकी उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष के बीच लग रही थी।
बीमार बुजुर्ग को भी नहीं छोड़ा
परिवार की बुजुर्ग सदस्य कृष्णा सोनी ने बताया कि बदमाशों ने उनके किडनी रोग से पीड़ित पति बद्रीलाल सोनी के साथ भी मारपीट की। उन्होंने बदमाशों से मानसिक रूप से कमजोर बेटे को छोड़ देने की गुहार लगाई, लेकिन बदमाशों ने किसी की एक नहीं सुनी।
इसके बाद बदमाशों ने दूसरे कमरे का ताला तोड़ा और दीवार में बनी आलमारी के किवाड़ तोड़ दिए। आलमारी में रखे लोहे के पीपों में भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और नकदी रखी हुई थी।
पीपों में रखे थे करोड़ों के जेवर
महेश सोनी ने बताया कि घर में रखे आभूषण उनकी दुकान और लेनदेन के कारोबार से जुड़े थे। कई लोगों ने गहने गिरवी रखकर पैसे ले रखे थे। सुरक्षा के लिहाज से इन गहनों को लोहे के पीपों में भरकर आलमारी में रखा गया था।
बदमाश करीब 8 पीपों में रखे 140 किलो चांदी के जेवर, एक किलो सोने के आभूषण और 10 लाख रुपए नकद समेटकर फरार हो गए।
गेट बाहर से बंद कर भागे बदमाश
महेश सोनी की पत्नी ऊषा ने बताया कि नीचे से चीख-पुकार सुनाई देने पर उन्हें लगा कि ससुर की तबीयत खराब हो गई है। जब वे पति के साथ नीचे उतरने लगे तो बाहर से गेट बंद मिला। काफी मशक्कत के बाद गेट तोड़कर नीचे पहुंचे तो 4-5 बदमाश हाथों में पीपे लेकर भागते नजर आए। शोर मचाने पर आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पहले से कर रखी थी रेकी
स्थानीय लोगों के अनुसार बदमाश वारदात को अंजाम देने से पहले सामने स्थित एक सूने मकान में छिपे हुए थे। उन्होंने मकान का ताला तोड़कर वहां ठिकाना बनाया था। इससे साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाश पूरी योजना और रेकी के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।
पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं
घटना की सूचना मिलते ही सारोला थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। रविवार सुबह डीएसटी, मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने भी मौके का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से बातचीत की। उन्होंने बताया कि मामले के खुलासे के लिए जिले की विशेष टीमों को लगाया गया है। पुलिस मोबाइल लोकेशन खंगाल रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।