पैतृक जमीन के विवाद में सगे भाइयों और उनके बेटों ने मिलकर की बुजुर्ग की निर्मम हत्या: दो और आरोपी गिरफ्तार, कुल 7 पकड़े गए
राजस्थान में पैतृक जमीन के हिस्से को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद में सगे भाइयों और उनके बेटों ने मिलकर बुजुर्ग कानजी की लाठी, सरिया और कुल्हाड़ी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हमले में कानजी की गर्भवती बहू और बेटे भी घायल हुए। वारदात के बाद आरोपी मध्य प्रदेश के जंगलों में छिप गए थे। पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हथियार भी बरामद किए हैं।
राजस्थान में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पैतृक संपत्ति के हिस्से को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। मृतक बुजुर्ग का नाम कानजी था, जिनकी उम्र करीब 60-70 वर्ष बताई जा रही है। उनके सगे भाइयों कचरू, लालू और बापुड़ा (बापुलाल) तथा उनके पुत्रों ने मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। पुलिस ने अब तक इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
विवाद की जड़: निसंतान चाचा की पूरी जमीन अपने नाम कर ली थी कानजी ने पुलिस पूछताछ और प्रारंभिक जांच से पता चला है कि विवाद की मुख्य वजह पैतृक जमीन थी। कानजी के निसंतान चाचा उंकार की मौत के बाद कानजी ने उनकी सारी जमीन अपने नाम ट्रांसफर करवा ली थी। इसमें अपने सगे भाइयों कचरू, लालू और बापुड़ा को कोई हिस्सा नहीं दिया। इस बात से भाईयों में लंबे समय से रंजिश चल रही थी। इसी पुरानी दुश्मनी ने 10 दिसंबर 2025 को खौफनाक रूप ले लिया।
घटना का पूरा विवरण: गर्भवती बहू और बेटों पर भी बरसाई कुल्हाड़ी और लाठियां 10 दिसंबर की शाम को कानजी का बेटा बलदेव प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए जमीन समतल करवा रहा था। इसी दौरान आरोपी भाई और उनके बेटे एकजुट होकर लाठी, सरिया, कुल्हाड़ी और पत्थर लेकर मौके पर पहुंच गए। हमलावरों ने सबसे पहले कानजी पर निर्मम हमला किया और उन्हें बुरी तरह पीटा।हमला यहीं नहीं रुका। आरोपियों ने कानजी की गर्भवती बहू रीना और उनके बेटों पर भी कुल्हाड़ी और लाठियों से वार किए। सभी घायल हो गए। कानजी की हालत सबसे गंभीर थी, उन्हें तुरंत उदयपुर के अस्पताल में रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार के अन्य सदस्यों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।