"सूदखोरों की लूट, पुलिस की चुप्पी और एक मां की पुकार: पोकरण में ब्याज का खौफनाक खेल"

जैसलमेर जिले के पोकरण में सूदखोरों का आतंक चरम पर है। 10 रुपये प्रति सैकड़ा ब्याज और मनमानी पेनाल्टी के जाल में फंसकर लोग अपनी जिंदगी की जमा-पूंजी गंवा रहे हैं। एक ओर जहां सूदखोर बिना किसी सरकारी रजिस्ट्रेशन के "फाइल" के नाम पर कर्ज का धंधा चला रहे हैं, वहीं पुलिस की निष्क्रियता ने पीड़ितों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
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"सूदखोरों की लूट, पुलिस की चुप्पी और एक मां की पुकार: पोकरण में ब्याज का खौफनाक खेल"
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रिपोर्ट जसवंत सिंह शिवकर जैसलमेर/पोकरण: जैसलमेर जिले के पोकरण में सूदखोरों का आतंक चरम पर है। 10 रुपये प्रति सैकड़ा ब्याज और मनमानी पेनाल्टी के जाल में फंसकर लोग अपनी जिंदगी की जमा-पूंजी गंवा रहे हैं। एक ओर जहां सूदखोर बिना किसी सरकारी रजिस्ट्रेशन के "फाइल" के नाम पर कर्ज का धंधा चला रहे हैं, वहीं पुलिस की निष्क्रियता ने पीड़ितों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। इस बीच, पोकरण तहसीलदार विश्वप्रकाश चारण की सख्ती और सोशल मीडिया पर उनकी चेतावनियों ने लोगों में हिम्मत जगाई है। हाल ही में एक पीड़ित की आत्महत्या की कोशिश और तहसीलदार की त्वरित कार्रवाई ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। 

संजय की दर्दनाक कहानी: लूट का शिकार, आत्महत्या की कगार पर

पोकरण निवासी संजय भार्गव की कहानी दिल दहला देने वाली है। संजय ने NS Finance नामक कंपनी से 1 लाख रुपये उधार लिए। उसे 70,000 रुपये ही दिए गए, बाकी राशि ब्याज के नाम पर पहले ही काट ली गई। शर्त थी कि हर दिन 1,000 रुपये की किश्त देनी होगी। एक दिन किश्त चूकने पर 500 रुपये और अगले दिन 1,000 रुपये की पेनाल्टी ठोक दी गई। संजय ने 5 लाख रुपये चुका दिए, लेकिन सूदखोरों का दावा है कि अभी भी 2.5 लाख रुपये बकाया हैं। इस मानसिक और आर्थिक दबाव ने संजय को इतना तोड़ दिया कि उसने आत्महत्या की कोशिश की। आखिरी पल में उसकी मां ने उसे बचा लिया। संजय की मां रोते हुए कहती हैं, 

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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