पटना में CWC की बैठक से बढ़ी हलचल: विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने भरी सियासी हुंकार

पटना में 24 सितंबर 2025 को होने वाली कांग्रेस कार्य समिति की बैठक बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी रणनीति और सीट बंटवारे पर केंद्रित है। तेजस्वी यादव को CM चेहरा न घोषित करने और प्रियंका गांधी की रैली से महागठबंधन में तनाव के संकेत मिल रहे हैं।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 23, 2025 • 6:28 PM  20
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पटना में CWC की बैठक से बढ़ी हलचल: विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने भरी सियासी हुंकार
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पटना में CWC की बैठक से बढ़ी हलचल: विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने भरी सियासी हुंकार

बिहार की राजधानी पटना में 24 सितंबर 2025 को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की विस्तारित बैठक होने जा रही है। इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेता मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ-साथ कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इस तरह की बैठकें पहले भी विभिन्न राज्यों में हो चुकी हैं, लेकिन बिहार में इसका आयोजन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले होने के कारण सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

तेलंगाना की सफलता को दोहराने की कोशिश

कांग्रेस ने इससे पहले 16 सितंबर 2023 को तेलंगाना के हैदराबाद में कार्य समिति की बैठक की थी। उस समय तेलंगाना सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने थे। पार्टी का मानना है कि हैदराबाद की बैठक और उसके बाद हुई विशाल रैली ने तेलंगाना में कांग्रेस की जीत की नींव रखी। वहां पार्टी ने 45 अतिरिक्त सीटें हासिल कीं, और उसकी सीटें 19 से बढ़कर 64 हो गईं। साथ ही, वोट प्रतिशत में भी 10.5% की बढ़ोतरी हुई। बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) 88 सीटों से सिमटकर 39 पर आ गई। कांग्रेस अब बिहार में भी इसी तरह की रणनीति अपनाने की तैयारी में है।

बिहार में बैठक का सियासी संदेश और रणनीति

पटना में होने वाली इस बैठक का उद्देश्य केवल संगठनात्मक चर्चा तक सीमित नहीं है। कांग्रेस बिहार के प्रमुख मुद्दों जैसे बेरोजगारी, पलायन, वोट चोरी और संविधान के संरक्षण जैसे विषयों पर प्रस्ताव पारित करेगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि कांग्रेस इस बैठक के जरिए क्या संदेश देना चाहती है? क्या यह महागठबंधन के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने और सीट बंटवारे में अधिक हिस्सेदारी की रणनीति है?

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