क्या बढ़ता साइबर खतरा बन रहा है नई मुसीबत? जानिए सरकार लोगों को कैसे कर रही है सतर्क!
एक नई सरकारी प्रक्रिया के नाम पर कुछ संदिग्ध तरीके तेजी से सामने आ रहे हैं, जिनमें एक छोटी सी लापरवाही भारी नुकसान में बदल सकती है। कॉल, लिंक और घर तक पहुंच रहे ये तरीके लोगों को चौंका रहे हैं—लेकिन असली खतरा क्या है, यह जानना बेहद जरूरी है।
डिजिटल दौर में जहां सरकारी सेवाएं तेजी से ऑनलाइन हो रही हैं, वहीं साइबर अपराधी भी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। अब केंद्र सरकार की ओर से शुरू की जा रही डिजिटल जनगणना की आड़ में साइबर क्रिमिनल सक्रिय हो गए हैं। ये ठग कॉल, मैसेज और यहां तक कि घर तक पहुंचकर आम लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।इस बढ़ते खतरे को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है, जिसमें लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से बचने की सलाह दी गई है।
कैसे हो रहा है साइबर फ्रॉड?
साइबर अपराधी खुद को जनगणना अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं और व्यक्तिगत व बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वे कई शातिर तरीके अपना रहे हैं—
1. फेक कॉल के जरिए ठगी
ठग फोन कॉल करके खुद को सरकारी अधिकारी बताते हैं और परिवार की जानकारी, आधार नंबर व बैंक डिटेल मांगते हैं। कई मामलों में वे AnyDesk या TeamViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल का पूरा एक्सेस ले लेते हैं। इसके बाद कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।