ड्रीम 11 ने छोड़ी भारतीय क्रिकेट टीम की स्पॉन्सरशिप, ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 का बड़ा असर.
ड्रीम 11 ने भारतीय क्रिकेट टीम की 358 करोड़ की स्पॉन्सरशिप छोड़ दी! ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 ने रियल-मनी गेम्स पर बैन लगा दिया, जिसके चलते ड्रीम 11 ने यह बड़ा फैसला लिया। एशिया कप 2025 में भारतीय जर्सी पर ड्रीम 11 का लोगो गायब होगा। कंपनी अब फैनकोड और क्रिकबज जैसे नॉन-रियल मनी वेंचर्स पर फोकस करेगी। BCCI नए स्पॉन्सर की तलाश में जुट गया है। गेमिंग इंडस्ट्री में हलचल मच गई है!
भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख स्पॉन्सर ड्रीम 11 ने एशिया कप 2025 से पहले एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के साथ अपनी 358 करोड़ रुपये की टाइटल स्पॉन्सरशिप डील को समय से पहले समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित 'प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025' के बाद आया है, जिसके तहत रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस कानून के लागू होने से ड्रीम 11 जैसे फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए भारत में रियल-मनी गेमिंग संचालित करना गैरकानूनी हो गया है।
क्या है ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025?
20 अगस्त 2025 को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा में पास हुआ यह बिल ऑनलाइन गेमिंग को तीन श्रेणियों में बांटता है: ई-स्पोर्ट्स, सोशल गेम्स (जैसे शतरंज, सुडोकू), और रियल-मनी गेम्स। सरकार का उद्देश्य ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा देना है, जबकि रियल-मनी गेम्स पर पूरी तरह रोक लगाना है। इस बिल के अनुसार, कोई भी कंपनी रियल-मनी गेम्स का संचालन, प्रचार या विज्ञापन नहीं कर सकती। उल्लंघन करने पर 50 लाख से 2 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और तीन साल तक की जेल हो सकती है। बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भी ऐसे गेम्स से संबंधित लेन-देन की अनुमति नहीं होगी।केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में कहा कि ऑनलाइन मनी गेमिंग से सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि करीब 45 करोड़ लोग ऑनलाइन गेमिंग के जरिए हर साल लगभग 20,000 करोड़ रुपये खो देते हैं। इस बिल को समाज को आर्थिक और मानसिक नुकसान से बचाने के लिए लाया गया है।ड्रीम 11 और BCCI की डीलड्रीम 11 ने जुलाई 2023 में BCCI के साथ 358 करोड़ रुपये की तीन साल की डील साइन की थी, जो 2026 तक वैध थी। इसके तहत भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर ड्रीम 11 का लोगो प्रमुखता से प्रदर्शित होता था। इस डील के अनुसार, BCCI को प्रत्येक घरेलू मैच के लिए 3 करोड़ रुपये और प्रत्येक विदेशी मैच के लिए 1 करोड़ रुपये मिलते थे। ड्रीम 11 की यह स्पॉन्सरशिप भारतीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय स्रोत थी।हालांकि, नए कानून के बाद ड्रीम 11 ने अपने रियल-मनी गेमिंग सेगमेंट को बंद करने का फैसला किया, जो कंपनी की कुल कमाई का 67% हिस्सा था। कंपनी के सीईओ हर्ष जैन ने कर्मचारियों को बताया कि नए कानून के तहत रियल-मनी गेमिंग को जारी रखने का कोई रास्ता नहीं है। इसके परिणामस्वरूप, कंपनी ने BCCI के साथ अपनी स्पॉन्सरशिप डील को समाप्त करने का निर्णय लिया।