“Rajasthan Politics: गहलोत vs तिवाड़ी आमने-सामने, महिला आरक्षण पर 16 अप्रैल क्यों है अहम?”
महिला आरक्षण पर अशोक गहलोत और घनश्याम तिवाड़ी आमने-सामने। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर सियासी टकराव तेज।
महिला आरक्षण विधेयक पर सियासत तेज, गहलोत और तिवाड़ी आमने-सामने
देश की राजनीति में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस मुद्दे पर राजस्थान के दो दिग्गज नेता अशोक गहलोत और घनश्याम तिवाड़ी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
गहलोत ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की मूल सोच सोनिया गांधी की थी। गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास पूर्ण बहुमत होने के बावजूद इसे सर्वसम्मति से पारित किया जा सकता था, लेकिन जानबूझकर विवाद की स्थिति बनाई जा रही है।
सरकार पर ‘गुमराह करने’ का आरोप
गहलोत ने कहा कि पहले सरकार ने जनगणना और परिसीमन के बाद महिला आरक्षण लागू करने की बात कही थी, लेकिन अब नया एक्ट लाकर अलग तरीके से इसे लागू करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, सरकार अपने रुख में बार-बार बदलाव कर रही है, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है।