श्री बिश्नोई और प्रदीप राजपुरोहित: फिल्म 'इक्कीस' में दो अलग-अलग किरदारों की प्रेरणादायक यात्रा

फिल्म 'इक्कीस' में पराग सिंह (श्री बिश्नोई) और हनुमान सिंह (प्रदीप राजपुरोहित) के किरदार निभाने वाले दो राजस्थानी अभिनेताओं की असली जिंदगी की संघर्षपूर्ण यात्रा - ऑडिशन, आर्मी ट्रेनिंग, वजन घटाना और सपनों की उड़ान। 1971 युद्ध की वीरगाथा के साथ प्रेरणा की मिसाल।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
January 10, 2026 • 1:13 PM  128
बॉलीवुड
NEWS CARD
Logo
श्री बिश्नोई और प्रदीप राजपुरोहित: फिल्म 'इक्कीस' में दो अलग-अलग किरदारों की प्रेरणादायक यात्रा
“श्री बिश्नोई और प्रदीप राजपुरोहित: फिल्म 'इक्कीस' में दो अलग-अलग किरदारों की प्रेरणादायक यात्रा”
Favicon
Read more on thekhatak.com
10 Jan 2026
https://thekhatak.com/ikkis-movie-shree-bishnoi-parag-singh-pradeep-rajpurohit-struggle-story
Google News
Copied
श्री बिश्नोई और प्रदीप राजपुरोहित: फिल्म 'इक्कीस' में दो अलग-अलग किरदारों की प्रेरणादायक यात्रा

फिल्म 'इक्कीस' (Ikkis), जो 1 जनवरी 2026 को रिलीज़ हुई, 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल (परम वीर चक्र प्राप्तकर्ता) की वीरगाथा पर आधारित है। निर्देशक श्रीराम राघवन की यह बायोपिक अगस्त्य नंदा (अरुण खेत्रपाल के रूप में), धर्मेंद्र, जयदीप अहलावत सहित कई कलाकारों से सजी है। फिल्म में दो राजस्थानी अभिनेताओं ने महत्वपूर्ण सहायक किरदार निभाए हैं, जिनकी असली जिंदगी की संघर्षपूर्ण कहानियां युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।

श्री बिश्नोई: पराग सिंह (फामागुस्ता टैंक के ड्राइवर) की भूमिका में संघर्ष से सफलता तक की कहानी

राजस्थान के बीकानेर जिले के छोटे से गांव मिट्ठड़िया से ताल्लुक रखने वाले श्री बिश्नोई (Shree Bishnoi) ने फिल्म में सोवर पराग सिंह का किरदार निभाया है। यह किरदार अरुण खेत्रपाल के टैंक 'फामागुस्ता' का ड्राइवर था, जो युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।श्री बिश्नोई की यात्रा 2017 में मुंबई पहुंचने से शुरू हुई, जहां वे अभिनेता बनने के सपने लेकर आए थे। हजारों ऑडिशन देने के बाद भी बार-बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। करीब 5 साल तक उन्होंने सुनील शेट्टी के प्रोडक्शन हाउस में काम किया, ताकि इंडस्ट्री को करीब से समझ सकें।फिल्म 'इक्कीस' का ऑडिशन लॉकडाउन से पहले शुरू हुआ, लेकिन 20-25 बार कॉल आने के बाद भी कोई फाइनल अपडेट नहीं मिला। आखिरकार, एंटी कास्टिंग से फोन आया कि उन्हें दो महत्वपूर्ण किरदारों (पराग सिंह और नथु सिंह) के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। 4-5 लाख ऑडिशन के बाद चुने गए 26 कलाकारों में से आर्मी ट्रेनिंग के बाद दो फाइनल होने थे।श्री बिश्नोई ने असली पराग सिंह के गांव सांकड़ा जाकर उनकी वीरगाथा, तस्वीरें और जिंदगी को समझा। आर्मी ट्रेनिंग में खुद को सबसे अनफिट पाकर निराश हुए, लेकिन एसोसिएट डायरेक्टर की सलाह पर 10 दिनों में एक रोटी और रोज 40,000 स्टेप्स (20,000 दौड़ + 20,000 चलना) से वजन कम कर फिट हो गए। शूट से एक दिन पहले उन्हें पराग सिंह का किरदार मिला। उनका पहला टेक 15 अक्टूबर 2024 को उनके जन्मदिन पर लगा।श्री बिश्नोई का परिवार मां मोहनी देवी और छोटा भाई मदन बिश्नोई ने उनका पूरा साथ दिया। बचपन से ही सामाजिक कार्यों में रुचि रखने वाले श्री बिश्नोई गांव को हरा-भरा बनाने और बेहतर शिक्षा के सपने देखते हैं। उनकी यह सफलता छोटे शहरों से बड़े सपने देखने वाले युवाओं के लिए मिसाल है।

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter