Persistent Systems ने 1.1 बिलियन यूरो में Nagarro का किया अधिग्रहण, आईटी सेक्टर में बड़ी डील

भारतीय आईटी कंपनी Persistent Systems ने जर्मनी की डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी Nagarro का 1.1 बिलियन यूरो में अधिग्रहण करने की घोषणा की है। इस रणनीतिक डील से कंपनी की वैश्विक मौजूदगी, डिजिटल इंजीनियरिंग क्षमताओं और यूरोपीय बाजार में पकड़ मजबूत होने की उम्मीद है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
June 28, 2026 • 3:56 PM  2
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Persistent Systems ने 1.1 बिलियन यूरो में Nagarro का किया अधिग्रहण, आईटी सेक्टर में बड़ी डील
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Persistent Systems ने 1.1 बिलियन यूरो में Nagarro का किया अधिग्रहण, आईटी सेक्टर में बड़ी डील

आईटी और डिजिटल इंजीनियरिंग सेक्टर में एक बड़ा वैश्विक सौदा सामने आया है। भारतीय टेक कंपनी Persistent Systems ने जर्मनी की प्रमुख डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी Nagarro का लगभग 1.1 बिलियन यूरो में अधिग्रहण करने की घोषणा की है। इस डील को भारतीय आईटी उद्योग के अब तक के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहणों में से एक माना जा रहा है।

डील का उद्देश्य और रणनीति

इस अधिग्रहण का मुख्य उद्देश्य Persistent Systems की ग्लोबल मौजूदगी को और मजबूत करना और यूरोप तथा अमेरिकी बाजार में अपनी पकड़ बढ़ाना बताया जा रहा है। Nagarro की मजबूत इंजीनियरिंग क्षमता, क्लाउड टेक्नोलॉजी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एक्सपर्टीज को Persistent अपने इकोसिस्टम में शामिल करके एक बड़ा ग्लोबल डिजिटल सर्विसेज पावरहाउस बनाना चाहती है।

Nagarro क्या करती है?

Nagarro एक जर्मनी आधारित डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी है, जो एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, AI सॉल्यूशंस, क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन और कंसल्टिंग सेवाओं में काम करती है। कंपनी के दुनिया भर में कई बड़े क्लाइंट्स हैं और यह डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में तेजी से बढ़ती कंपनियों में शामिल रही है।

Persistent Systems को क्या फायदा होगा?

इस अधिग्रहण से Persistent Systems को कई बड़े लाभ मिलने की उम्मीद है: यूरोपियन मार्केट में मजबूत एंट्री, AI और क्लाउड सर्विसेज पोर्टफोलियो का विस्तार, ग्लोबल क्लाइंट बेस में तेज़ी से वृद्धि , इंजीनियरिंग टैलेंट और R&D क्षमता में बढ़ोतरी,  यह डील Persistent को Infosys, TCS और Wipro जैसी बड़ी ग्लोबल आईटी कंपनियों के मुकाबले और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

मार्केट पर असर

इस बड़े अधिग्रहण की खबर के बाद आईटी सेक्टर में निवेशकों की नजरें Persistent Systems पर टिकी हुई हैं। आमतौर पर ऐसे बड़े क्रॉस-बॉर्डर अधिग्रहण से कंपनी के लॉन्ग टर्म ग्रोथ आउटलुक को मजबूती मिलती है, हालांकि शॉर्ट टर्म में इंटीग्रेशन रिस्क और फाइनेंशियल स्ट्रेन की भी संभावना रहती है।

निष्कर्ष

Persistent Systems का Nagarro का यह अधिग्रहण भारतीय आईटी सेक्टर के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह डील सफलतापूर्वक पूरी होती है, तो यह दोनों कंपनियों के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोल सकती है।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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