राहुल गांधी ने चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर व इन्फॉर्मेशन कमिश्नर्स की नियुक्ति पर खड़े किए गंभीर सवाल, चयन में SC-ST, OBC और अल्पसंख्यकों की अनदेखी का आरोप
राहुल गांधी ने CIC और 8 इन्फॉर्मेशन कमिश्नर्स की नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि चयनित उम्मीदवारों में SC-ST, OBC और अल्पसंख्यकों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। PMO में मोदी-शाह के साथ हुई बैठक में राहुल ने लिखित असहमति दर्ज की और तीन महीने से खाली पड़े पदों पर चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग (Central Information Commission) में चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और 8 इन्फॉर्मेशन कमिश्नर्स की प्रस्तावित नियुक्ति पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कड़ा एतराज जताया है। राहुल का आरोप है कि चयनित उम्मीदवारों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अति पिछड़ा वर्ग (EBC) और अल्पसंख्यक समुदायों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। उन्होंने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह एकतरफा और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में डेढ़ घंटे चली तनातनी भरी बैठक बुधवार (10 दिसंबर 2025) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में चयन समिति की बैठक हुई। इसमें राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष) और गृह मंत्री अमित शाह (प्रधानमंत्री द्वारा नामित सदस्य) मौजूद थे। बैठक करीब डेढ़ घंटे चली और काफी गरमागरम रही।सूत्रों के मुताबिक:राहुल गांधी ने कुछ हफ्ते पहले ही सरकार से सभी आवेदकों और शॉर्टलिस्ट/चयनित उम्मीदवारों की जाति संबंधी जानकारी मांगी थी। बैठक से ठीक पहले सरकार ने यह डेटा साझा किया। डेटा देखकर राहुल ने तीखी आपत्ति जताई कि:कुल आवेदकों में सिर्फ 7% लोग ही पिछड़े/वंचित समुदायों (SC-ST-OBC-EBC) से थे। चयनित उम्मीदवारों में महज एक व्यक्ति ही पिछड़े वर्ग से है, बाकी सभी सामान्य श्रेणी से हैं। अल्पसंख्यक समुदाय का एक भी नाम नहीं है।राहुल ने मौखिक विरोध के साथ-साथ लिखित में अपना असहमति पत्र (Dissent Note) भी सौंप दिया और चयनित उम्मीदवारों से जुड़ी विस्तृत जानकारी तलब की है।