"ट्रंप का भारत को झटका: 'भारत में iPhone फैक्ट्री नहीं चाहिए' - क्या रुक जाएगी भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्रांति?"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एपल के सीईओ टिम कुक को सलाह दी कि भारत में प्रोडक्शन की जरूरत नहीं है और एपल को अमेरिका में उत्पादन बढ़ाना चाहिए। ट्रम्प ने कहा कि भारत अपना ख्याल खुद रख सकता है और उसने अमेरिका को जीरो टैरिफ ट्रेड डील की पेशकश की है। वर्तमान में, अमेरिकी बाजार में बिकने वाले 50% आईफोन भारत में बन रहे हैं, और 2026 तक भारत में सालाना 6 करोड़ से ज्यादा आईफोन बनने की संभावना है। ट्रम्प का यह बयान एपल की भारत-केंद्रित रणनीति और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
15 मई 2025 को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर की राजधानी दोहा में एक बयान में एपल के सीईओ टिम कुक को भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने से मना किया। ट्रम्प ने गुरुवार को कतर की राजधानी दोहा में बिजनेस लीडर्स के एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मैं नहीं चाहता कि एपल के प्रोडक्ट भारत में बनें। भारत अपना ख्याल खुद रख सकता है।" ट्रम्प ने एपल से अमेरिका में प्रोडक्शन बढ़ाने पर जोर दिया।
ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि भारत ने अमेरिका को ट्रेड में जीरो टैरिफ डील की पेशकश की है, जिसके तहत भारत अमेरिकी उत्पादों पर कोई आयात शुल्क नहीं लगाएगा। यह बयान भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक नया मोड़ ला सकता है।
एपल के सीईओ टिम कुक ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि अमेरिकी बाजार में बिकने वाले 50% आईफोन अब भारत में निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही तक भारत अमेरिका में बिकने वाले आईफोन्स का प्रमुख उत्पादन केंद्र (कंट्री ऑफ ओरिजिन) बन जाएगा। इसके अलावा, एयरपॉड्स और एपल वॉच जैसे अन्य उत्पादों का निर्माण ज्यादातर वियतनाम में हो रहा है।