पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राहुल का यह सरेंडर एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, ताकि वह जयपुर पुलिस की तत्काल गिरफ्त से बच सके। हालांकि, जयपुर पुलिस अब उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है।
घटना के बाद आरोपी लगातार फरार चल रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह जयपुर से भागकर बारां, धौलपुर, चित्तौड़गढ़ होते हुए मध्य प्रदेश के भिंड और मुरैना के बीहड़ों में जाकर छिप गया था।
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश और डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा की निगरानी में कई टीमें लगातार उसका पीछा कर रही थीं। डीएसटी ईस्ट और जवाहर सर्किल थाने की टीम आरोपी की लोकेशन ट्रैक कर रही थी। पुलिस दबाव बढ़ता देख राहुल अपने वकील के साथ चुपचाप कोर्ट पहुंचा और सरेंडर कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से खुला मामला
यह घटना रविवार को मालवीय नगर इलाके में हुई थी, जब आरोपी ने एक गर्भवती महिला को पीछे से पकड़कर अश्लील हरकत की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई।
जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल गुर्जर ग्वालियर के बिजौली क्षेत्र का रहने वाला है और उस पर पहले से लूट, डकैती और मारपीट के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
मामले ने तब तूल पकड़ा जब पुलिस की लापरवाही उजागर हुई। आरोप है कि जवाहर सर्किल थाने के एएसआई महेश चंद्र और हेड कांस्टेबल अंगदराम मीणा ने आरोपी को पकड़ने के बावजूद बिना कार्रवाई के छोड़ दिया था।
इस गंभीर चूक पर विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।
अब क्या होगा आगे?
जयपुर पुलिस अब आरोपी को मुरैना जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी। गर्भवती महिला की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में सख्त धाराएं लगाई गई हैं, और पुलिस इस मामले में मजबूत चार्जशीट तैयार करने में जुटी है।
इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।