जालोर गणपतसिंह हत्याकांड: 18 महीने बाद खुला राज, साथी की ‘शराब छुड़ाने’ के बहाने छिपाया था सच
जालोर के मांडोली गांव में गणपतसिंह हत्याकांड का 18 महीने बाद बड़ा खुलासा, मुख्य आरोपी ने साथी से राज छिपाने के लिए ‘शराब छुड़ाने’ का सहारा लिया।
जालोर | राजस्थान के जालोर जिले के मांडोली गांव में हुए चर्चित गणपतसिंह हत्याकांड में 18 महीने बाद ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। इस केस में मुख्य आरोपी गजेंद्रसिंह और उसके पिता सुरेंद्रसिंह की साजिश और चालाकी की परतें अब धीरे-धीरे सामने आ रही हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी सिर्फ फरार नहीं हुए, बल्कि बेहद शातिर तरीके से खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश करते रहे। हैरानी की बात यह है कि मुख्य आरोपी गजेंद्रसिंह करीब 18 महीने तक पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बैठता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
साथी से राज छिपाने के लिए रची अनोखी साजिश
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आरोपी को डर था कि उसका साथी वागाराम शराब के नशे में हत्या का राज खोल सकता है। इसी डर के चलते गजेंद्रसिंह उसे आहोर क्षेत्र के अगवरी गांव में एक भोपे के पास ले गया।