जंगल की साये में खौफनाक साजिश डूंगरपुर में लेपर्ड का बेरहम कत्ल, सिर-पंजे गायब... शिकारियों का काला कारोबार उजागर.
डूंगरपुर के साबला जंगल में लेपर्ड का बेरहमी से शिकार! सिर और चारों पंजे काटकर शव जंगल में फेंका गया। वन विभाग ने शिकारियों की तलाश तेज की, शव का पोस्टमॉर्टम उदयपुर में होगा। शरीर पर चोटों के निशान, मौत स्वाभाविक नहीं। अवैध अंग व्यापार का काला सच उजागर, कीमत 5-10 लाख तक! जंगल की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ी, ग्रामीणों से सतर्कता की अपील।
डूंगरपुर, 26 अक्टूबर 2025: राजस्थान के डूंगरपुर जिले के घने जंगलों में एक बार फिर मानव की लालच ने प्रकृति को ललकारा है। आसपुर ब्लॉक के साबला वन क्षेत्र में शनिवार को एक वयस्क लेपर्ड का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिसका सिर और चारों पंजे क्रूरता से काट लिए गए थे। वन विभाग ने इसे साफ शिकार का मामला बताते हुए छापेमारी तेज कर दी है, लेकिन यह घटना राज्य में वन्यजीवों के अवैध व्यापार की गहरी जड़ों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लेपर्ड के अंगों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों में होती है, जो शिकारियों को आकर्षित करती है।
घटना का खौफनाक खुलासा: मंदिर के पास छिपा था शव
माल गांव के प्रसिद्ध खंडेश्वर महादेव मंदिर के निकटवर्ती झाड़ियों में स्थानीय ग्रामीणों को कुछ दिनों पुराना सड़ा-गला शव नजर आया। शनिवार सुबह की शांत सुबह में यह दृश्य देखकर गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तुरंत आसपुर पुलिस थाने और वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची संयुक्त टीम ने पाया कि लेपर्ड का धड़ तो मौजूद था, लेकिन सिर और चारों पंजे गायब थे—जैसे किसी पेशेवर शिकारी ने सटीकता से इन्हें अलग कर लिया हो।शव की हालत देखकर वनकर्मियों के होश उड़ गए। आसपुर रेंज के फॉरेस्टर चंद्रवीर सिंह ने बताया, "यह मौत बिल्कुल स्वाभाविक नहीं लग रही। शरीर पर कई जगह गहरी चोटें और कटाव के निशान हैं, जो जाल या हथियारों से लगे प्रतीत होते हैं। शिकारी ने संभवतः लेपर्ड को जाल में फंसाकर मारा और मूल्यवान अंग निकाल लिए।" टीम ने घटनास्थल से सैंपल और सबूत इकट्ठा किए, जिसमें खून के धब्बे, बाल और आसपास के निशान शामिल हैं।