महिला क्रिकेटर ने नागौर भेजा शादी का पहला कार्ड: डीडवाना की सुरल्या माता मंदिर में चढ़ाया; संगीतकार पलाश मुछाल संग फेरे लेंगी स्मृति मंधाना
स्मृति मंधाना 23 नवंबर को संगीतकार पलाश मुछाल से शादी करेंगी; पहला शादी कार्ड डीडवाना के सुरल्या माता मंदिर में चढ़ाया, दोनों परिवारों के पूर्वज डीडवाना से थे।
नागौर (राजस्थान), 16 नवंबर 2025: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज और उप-कप्तान स्मृति मंधाना इन दिनों शादी की तैयारियों में व्यस्त हैं। क्रिकेट के मैदान पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और वर्ल्ड कप में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए जानी जाने वाली स्मृति जल्द ही विवाह बंधन में बंधने जा रही हैं। उनका चुना हुआ जीवनसाथी प्रसिद्ध संगीतकार और फिल्म राइटर पलाश मुछाल हैं। शादी की तारीख 23 नवंबर तय की गई है, और इस खुशी के मौके पर स्मृति ने अपना पहला शादी का कार्ड नागौर जिले के डीडवाना कस्बे में भेजा है। यहां के प्राचीन सुरल्या माता मंदिर में कार्ड चढ़ाया गया, जो दोनों परिवारों की जड़ों से जुड़ा एक भावुक पल था।
शादी की तैयारियां: 23 नवंबर को फेरे स्मृति मंधाना (उम्र 29 वर्ष) और पलाश मुछाल (उम्र 31 वर्ष) की शादी 23 नवंबर को मुंबई के एक प्रमुख होटल में धूमधाम से होगी। यह शादी परंपरागत राजस्थानी रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होगी, जिसमें फेरे के अलावा संगीत, मेहंदी और हल्दी जैसे रस्में शामिल होंगी। स्मृति के करीबी दोस्तों और टीम मेट्स, जैसे हरमनप्रीत कौर और मिताली राज, को विशेष निमंत्रण भेजा गया है। क्रिकेट फैंस में भी इस शादी को लेकर खासी उत्सुकता है, क्योंकि स्मृति को 'मिसेज क्रिकेट' के नाम से जाना जाता है।स्मृति ने सोशल मीडिया पर शादी की अनाउंसमेंट करते हुए लिखा, "क्रिकेट के मैदान से अब वैवाहिक जीवन की नई पारी शुरू करने का समय आ गया है। पलाश के साथ यह सफर मेरे लिए सपनों जैसा होगा।" पलाश मुछाल, जो बॉलीवुड में 'मालिनी' और 'राधे' जैसी फिल्मों के लिए संगीत दे चुके हैं, ने भी एक पोस्ट शेयर की: "स्मृति जैसी सशक्त महिला के साथ जीवन बिताना सौभाग्य की बात है। हमारा रिश्ता संगीत और क्रिकेट की धुन पर बंधा है।"
डीडवाना का विशेष कनेक्शन: पूर्वजों की जड़ें स्मृति और पलाश का रिश्ता सिर्फ प्यार तक सीमित नहीं, बल्कि राजस्थान के नागौर जिले के डीडवाना कस्बे से गहराई से जुड़ा है। दोनों के पूर्वज इसी कस्बे के निवासी थे। सालों पहले व्यापार के सिलसिले में स्मृति का परिवार महाराष्ट्र के सांगली चला गया, जबकि पलाश का परिवार इंदौर (मध्य प्रदेश) में बस गया। लेकिन डीडवाना की मिट्टी आज भी दोनों परिवारों के दिलों में बसी है।शादी के कार्ड को डीडवाना भेजने का फैसला इसी भावना से लिया गया। स्मृति के पिता ने बताया, "हमारे पूर्वज डीडवाना के व्यापारी थे। स्मृति का पहला कार्ड यहीं चढ़ाना हमारा सम्मान है। सुरल्या माता मंदिर में पूजा के बाद कार्ड चढ़ाया गया, ताकि मां का आशीर्वाद हमेशा बना रहे।" पलाश के परिवार ने भी कहा, "यह कस्बा हमारी पहचान है। शादी के बाद हम डीडवाना लौटकर सामूहिक भोज का आयोजन करेंगे।"डीडवाना के सुरल्या माता मंदिर में कार्ड चढ़ाने की रस्म शुक्रवार को हुई। मंदिर के पुजारी ने बताया कि स्मृति के परिवार ने विशेष पूजा-अर्चना की और दान-पुण्य किया। स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई, क्योंकि स्मृति जैसी सेलिब्रिटी का इस तरह का सम्मान कस्बे के लिए गौरव की बात है। डीडवाना के बाजारों में स्मृति के पोस्टर्स लगे हैं, और फैंस उनकी शादी की शुभकामनाएं दे रहे हैं।