जम्मू कश्मीर की "लेडी सिंघम एनकाउंटर स्पेशलिस्ट"शाहीदा परवीन गांगुली 80 आतंकियों को ठोंकने वाली जम्मू की बेटी ने दिल्ली को दिया साहस का संदेश.

10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास कार बम धमाके में 13 मौतें और 20 घायल। जांच के दौरान मौके पर दिखीं जम्मू-कश्मीर की पहली महिला IPS शाहीदा परवीन गांगुली ('लेडी सिंघम')। 80+ आतंकियों का एनकाउंटर करने वाली यह निडर अधिकारी एनआईए को काउंटर-टेररिज्म सहायता दे रही हैं। पुंछ की साधारण बेटी से देश की सुरक्षा योद्धा बनीं शाहीदा की प्रेरक कहानी फिर सुर्खियों में।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 13, 2025 • 6:39 PM  28
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जम्मू कश्मीर की "लेडी सिंघम एनकाउंटर स्पेशलिस्ट"शाहीदा परवीन गांगुली 80 आतंकियों को ठोंकने वाली जम्मू की बेटी ने दिल्ली को दिया साहस का संदेश.
“जम्मू कश्मीर की "लेडी सिंघम एनकाउंटर स्पेशलिस्ट"शाहीदा परवीन गांगुली 80 आतंकियों को ठोंकने वाली जम्मू की बेटी ने दिल्ली को दिया साहस का संदेश.”
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जम्मू कश्मीर की "लेडी सिंघम एनकाउंटर स्पेशलिस्ट"शाहीदा परवीन गांगुली 80 आतंकियों को ठोंकने वाली जम्मू की बेटी ने दिल्ली को दिया साहस का संदेश.

नई दिल्ली, 13 नवंबर 2025: राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले (लाल किला) के पास 10 नवंबर को शाम करीब 6:50 बजे एक हाइयुंडई i20 कार में हुए शक्तिशाली धमाके ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस भयावह घटना में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। धमाके से आसपास की कई गाड़ियां जलकर खाक हो गईं, और लाल किला मेट्रो स्टेशन को सुरक्षा कारणों से कई दिनों तक बंद रखना पड़ा। लेकिन धुंधलाए धुएं और अफरा-तफरी के बीच एक ऐसा चेहरा उभरा, जो न केवल घटनास्थल पर सक्रिय दिखा, बल्कि पूरे राष्ट्र को साहस की प्रेरणा भी दे गया। वह चेहरा था जम्मू-कश्मीर की बहादुर महिला अधिकारी शाहीदा परवीन गांगुली का – जिन्हें 'जम्मू-कश्मीर की लेडी सिंघम' और 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' के नाम से जाना जाता है।यह धमाका कोई साधारण हादसा नहीं था। दिल्ली पुलिस और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह एक सुनियोजित आतंकी घटना हो सकती है।

धमाके वाली कार हरियाणा नंबर (HR26 CE 7674) की थी, जो कई बार खरीद-फरोख्त हो चुकी थी। एक संदिग्ध, पुलवामा के डॉ. उमर नबी से इसका कनेक्शन जोड़ा जा रहा है, जो जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखता है। कार मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उसके बयानों से कई राज खुलने की उम्मीद है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी पहलुओं की गहन जांच के आदेश दिए हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों को सख्त सजा देने का वादा किया। अमेरिका, ब्रिटेन और चीन जैसे देशों ने भी इस घटना पर चिंता जताई और सहायता की पेशकश की। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नेताजी सुभाष मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया, और पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।

ऐसे संवेदनशील हालात में शाहीदा परवीन गांगुली की मौजूदगी ने जांच को नई दिशा दी। 1997 बैच की आईपीएस अधिकारी शाहीदा, जो वर्तमान में दिल्ली में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) के पद पर तैनात हैं, घटनास्थल पर पहुंचीं और एनआईए को अपने काउंटर-टेररिज्म अनुभव से सहायता प्रदान कीं। उनकी उपस्थिति इसलिए खास थी क्योंकि संदिग्ध का जम्मू-कश्मीर से लिंक है, और शाहीदा का लंबा संघर्ष आतंकी नेटवर्क्स के खिलाफ रहा है। एक वायरल सीसीटीवी फुटेज में उन्हें धमाके के बाद तुरंत सक्रिय होते देखा गया, जहां वे फॉरेंसिक टीम के साथ मिलकर सुराग जुटा रही थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी विशेषज्ञता से इस केस में लश्कर-ए-तैयबा या हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों का हाथ साबित हो सकता है।शाहीदा परवीन गांगुली की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं। पुंछ जिले के एक साधारण मुस्लिम परिवार में 1970 के दशक में जन्मीं शाहीदा ने मात्र चार साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया। आतंकवाद की आग में झुलसते जम्मू-कश्मीर के उस दौर में, जहां महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलना ही चुनौती था, शाहीदा ने डर को पैरों तले कुचल दिया। गणित में स्नातक करने के बाद उन्होंने परिवार की आर्थिक तंगी मिटाने के लिए नौकरी की तलाश शुरू की। लेकिन उनका सपना था पुलिस सेवा में शामिल होकर देश की सेवा करना। 1994 में उन्होंने गुप्त रूप से सब-इंस्पेक्टर की भर्ती के लिए आवेदन किया, क्योंकि परिवार वाले सहमत न थे। चयन के बाद वे जम्मू-कश्मीर पुलिस में शामिल हुईं और धीरे-धीरे आईपीएस बनकर पहाड़ सी ऊंचाई छू लीं। वे जम्मू-कश्मीर से आने वाली पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं, जो अपने आप में एक इतिहास रचने जैसा था।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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