लुटेरी दुल्हन का जाल,शादी के नाम पर साढ़े 4 लाख की ठगी, जीआरपी ने तीन आरोपियों को दबोचा.
अजमेर में शादी के नाम पर साढ़े 4 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश! जीआरपी ने झारखंड की प्रियंका मेरी, मेघनाथ चार और उदयपुर के अनिल जैन को गिरफ्तार किया। शोभालाल माली को शादी का झांसा देकर लूटा गया, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर 4 लाख रुपये बरामद किए। सीसीटीवी और वीडियो सबूतों से आरोपियों को दबोचा गया। यह मामला सतर्कता की जरूरत को दर्शाता है।
अजमेर: राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने शादी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस सनसनीखेज मामले में झारखंड के धनबाद की एक युवती प्रियंका मेरी उर्फ साइमन एलायस (26), उसके साथी मेघनाथ चार (40) और उदयपुर के दलाल अनिल जैन (55) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से ठगी की गई साढ़े 4 लाख रुपये में से 4 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। यह कार्रवाई अजमेर जीआरपी थानाप्रभारी फूलचंद बालोटिया के नेतृत्व में की गई, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और त्वरित जांच ने अहम भूमिका निभाई।
ठगी की पूरी कहानी: शादी का झांसा, लाखों की लूट
उदयपुर के सेन्ट्रल जेल के पीछे वार्ड नंबर 28 में रहने वाले शोभालाल माली ने 30 अगस्त को अजमेर जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शोभालाल ने बताया कि दो महीने पहले उनके मित्र छगनलाल ने उन्हें उदयपुर के घासा निवासी अनिल जैन से मिलवाया। अनिल जैन ने शोभालाल के बेटे की शादी करवाने का प्रस्ताव रखा और कहा कि धनबाद की एक गरीब परिवार की लड़की से रिश्ता तय हो सकता है। इसके लिए उसने आर्थिक मदद की बात कही। अनिल ने युवती की फोटो दिखाकर विश्वास जीता और शादी के लिए 2 लाख रुपये की मांग की। शोभालाल ने भरोसा करके यह रकम दे दी।इसके बाद अनिल जैन ने शोभालाल को 30 अगस्त को अजमेर रेलवे स्टेशन पर साढ़े 4 लाख रुपये और रिसेप्शन के लिए आभूषण लेकर बुलाया। उसने दावा किया कि स्टेशन पर लड़की से मुलाकात करवाई जाएगी। शोभालाल सुबह 11 बजे स्टेशन पहुंचे, जहां अनिल जैन ने उनसे साढ़े 4 लाख रुपये लिए और गाड़ी पार्किंग में लगाने का बहाना बनाकर चला गया। कुछ देर बाद अनिल ने शोभालाल की पत्नी देवबाला को फोन कर बताया कि लड़की सारा पैसा लेकर भाग गई। शोभालाल को ठगी का अहसास हुआ। सौभाग्य से, उन्होंने अनिल को पैसे देते समय वीडियो बना लिया था, जो बाद में सबूत बना।