इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियों और रूपरेखा को लेकर गुरुवार को जोधपुर के उमेद क्लब में “सामाजिक एकता मंच” द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान आयोजन समिति के सदस्यों ने सम्मेलन के उद्देश्य, विषय और महत्व को विस्तार से साझा किया।
सिर्फ आयोजन नहीं, जन मुद्दों का मंच
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए समिति के प्रतिनिधियों—मुकेश मेघवाल, आशा मेघवाल, मोती सिंह जोधा, दुर्जन सिंह, छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद सिंह भाटी और लोकेंद्र सिंह—ने बताया कि यह महासम्मेलन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मारवाड़ के ज्वलंत मुद्दों पर सार्थक संवाद का मंच है।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं पर गंभीर मंथन किया जाएगा और उनके समाधान की दिशा में ठोस सुझाव सामने लाए जाएंगे।
तीन बड़े मुद्दों पर होगा फोकस
आयोजकों ने बताया कि महासम्मेलन में मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा केंद्रित रहेगी— 1. बेरोजगारी: मारवाड़ में युवाओं के बीच बढ़ती बेरोजगारी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। सम्मेलन में स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, कौशल विकास और अवसरों को बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
2. जातिवाद का खात्मा: समाज में बढ़ती जातिगत दूरियों को खत्म कर सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में ठोस पहल पर चर्चा होगी। “सर्व समाज, समान समाज” की भावना को केंद्र में रखा जाएगा।
3. पर्यावरण संरक्षण: मारवाड़ में जल संकट, प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन और पर्यावरणीय असंतुलन को लेकर चिंता जताई गई। सम्मेलन में जल संरक्षण, हरित पहल और टिकाऊ विकास के उपायों पर विचार-विमर्श होगा।
इतिहास में पहली बार ‘एक जाजम पर सर्व समाज’
आयोजकों का दावा है कि मारवाड़ के इतिहास में यह पहला अवसर होगा जब सभी जाति, धर्म और वर्ग के लोग एक ही मंच—‘एक जाजम’—पर बैठकर संवाद करेंगे। यह आयोजन सामाजिक एकता मंच के बैनर तले किया जा रहा है, जिसमें किसी विशेष वर्ग के बजाय पूरे समाज को केंद्र में रखा गया है।
विशेषज्ञ और प्रबुद्धजन करेंगे मार्गदर्शन
महासम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, समाजसेवी और प्रबुद्धजन शामिल होंगे। वे वर्तमान चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे और समाधान के लिए व्यावहारिक सुझाव देंगे। इससे क्षेत्र के विकास की एक स्पष्ट दिशा तय करने में मदद मिलेगी।
सर्व समाज से जुड़ने की अपील
प्रेस वार्ता के अंत में सामाजिक एकता मंच की ओर से मीडिया का आभार व्यक्त किया गया और मारवाड़ के सभी समाजों से 5 अप्रैल को रामदेवरा पहुंचकर इस महासम्मेलन का हिस्सा बनने की अपील की गई।