NEET पेपर लीक में NTA अफसर पर शक गहराया: ब्यूटीशियन तक 6 दिन पहले पहुंचा पेपर, CBI जांच में बड़े खुलासे
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अब NTA के एक अफसर की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। CBI जांच में खुलासा हुआ है कि पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे को परीक्षा से 6 दिन पहले ही पेपर और आंसर मिल गए थे। मामले में अब तक 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का पेपर लीक मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल केस में पहले केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और फिर बॉटनी लेक्चरर मनीषा मांधरे की गिरफ्तारी के बाद अब जांच की आंच सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों तक पहुंच गई है।
CBI जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पुणे से गिरफ्तार ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे सीधे NTA के एक अफसर के संपर्क में थी। जांच में सामने आया है कि मनीषा को परीक्षा से करीब 6 दिन पहले ही NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र और उसके उत्तर मिल गए थे।
CBI की इंटरनल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
जांच एजेंसियों को मिले दस्तावेजों और डिजिटल एविडेंस के आधार पर शक गहराया है कि पेपर लीक बिना NTA के अंदरूनी सहयोग के संभव नहीं था। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर प्रश्नपत्र बाहर कैसे पहुंचा, जबकि पेपर सेटिंग एरिया में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल और यहां तक कि पेन तक ले जाने की अनुमति नहीं होती।
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सूत्रों के मुताबिक मनीषा वाघमारे की पहचान केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के जरिए NTA अफसर से हुई थी। बताया जा रहा है कि यह अफसर उन टीमों से जुड़ा हो सकता है, जिनकी जिम्मेदारी पेपर फाइनल करने और एक्सपर्ट कमेटी की निगरानी करने की होती है।
कैसे हुआ पेपर लीक?
CBI के अनुसार पेपर लीक की साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से रची गई। आरोपी मनीषा वाघमारे ने प्रोफेसर मनीषा मांधरे और पीवी कुलकर्णी के जरिए छात्रों को एग्जाम में आने वाले सवाल पढ़वाए।
बॉटनी लेक्चरर मनीषा मांधरे ने छात्रों को बायोलॉजी के सवाल और जवाब बताए, जबकि पीवी कुलकर्णी ने केमिस्ट्री के प्रश्न पढ़ाए। इसके बदले लाखों रुपए नकद और बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर किए गए।
CBI को इन ट्रांजैक्शन्स और चैट्स के कुछ डिजिटल सबूत भी मिले हैं। हालांकि कई आरोपी अपने मोबाइल से वॉट्सएप चैट, फोटो गैलरी और लैपटॉप फाइलें डिलीट कर चुके हैं। अब एजेंसी डिलीट डेटा रिकवर करने में जुटी है।
720 में से 600 नंबर के सवाल लीक होने का दावा
जांच में सामने आया है कि NEET-UG 2026 के कुल 720 अंकों में से लगभग 600 अंकों के सवाल पहले ही लीक हो चुके थे।
- केमिस्ट्री के 45 में से 35 सवाल मैच हुए
- बायोलॉजी के सभी 90 सवाल मैच हुए
- फिजिक्स के 15 सवाल भी लीक पेपर से मिले
हालांकि अब तक फिजिक्स पेपर लीक से जुड़ा मुख्य लिंक सामने नहीं आया है। इसी वजह से जांच एजेंसियां अब तीसरे एक्सपर्ट और संभावित अंदरूनी नेटवर्क की तलाश में जुटी हैं।
दो सेट पेपर भी लीक होने का शक
CBI को आशंका है कि NEET परीक्षा के दोनों सेट लीक किए गए थे। दरअसल NTA हर परीक्षा के दो सेट तैयार करता है। एक मुख्य परीक्षा के लिए और दूसरा रिजर्व के तौर पर रखा जाता है।
जांच में पाया गया कि गेस पेपर में दोनों सेटों के सवाल मिलाए गए थे। कई सवाल और विकल्प बिल्कुल उसी क्रम में मिले, जबकि कुछ प्रश्न अलग क्रम में थे। इससे दोनों सेट लीक होने की आशंका और मजबूत हो गई है।
फरवरी में पेपर सेट, अप्रैल में प्रिंटिंग, 27 अप्रैल को लीक
सूत्रों के अनुसार NEET-UG 2026 की पेपर सेटिंग प्रक्रिया फरवरी के आखिरी सप्ताह में शुरू हुई थी। इसके बाद 15 से 20 अप्रैल के बीच प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग हुई।
3 मई को परीक्षा होनी थी, लेकिन उससे पहले 27 अप्रैल को ही पेपर लीक होकर मनीषा वाघमारे तक पहुंच गया। इसके बाद यह नेटवर्क छात्रों, दलालों और मेडिकल स्टूडेंट्स तक फैलता चला गया।
अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें प्रोफेसर, मेडिकल स्टूडेंट, दलाल और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े लोग शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में पीवी कुलकर्णी, मनीषा मांधरे, मनीषा वाघमारे, धनंजय लोखंडे, शुभम खैरनार, यश यादव, मांगीलाल बिंवाल, दिनेश बिंवाल और विकास बिंवाल शामिल हैं।
21 जून को होगा NEET री-एग्जाम
पेपर लीक विवाद के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। अब NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
NTA ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा और कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। नए एडमिट कार्ड 14 जून से जारी किए जाएंगे और छात्रों को पसंद का परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प भी मिलेगा।
NTA में बड़ा फेरबदल
पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने NTA में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं। दो नए जॉइंट सेक्रेटरी और दो जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त किए गए हैं। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाएगा।
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Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
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