"बीकानेर में PM मोदी का विकास मंत्र: 26,000 करोड़ की परियोजनाओं से राजस्थान की नई शान, भारत का नया सम्मान!"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीकानेर, राजस्थान में 26,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशनोक स्टेशन सहित 103 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया और बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। रेल, सड़क, बिजली, जल, और सौर ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाएँ शुरू की गईं, जो राजस्थान के विकास को नई गति देंगी। पिछले 11 वर्षों में वंदे भारत ट्रेन, सैकड़ों ओवरब्रिज-अंडरब्रिज, और बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाओं ने भारत की प्रगति को दर्शाया। मोदी ने बीकानेर में करणी माता मंदिर में दर्शन किए और 'विकसित भारत' के संकल्प को दोहराया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मई 2025 को राजस्थान के बीकानेर में एक भव्य समारोह में 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, प्रेम चंद जी, और अन्य मंत्रियों के साथ-साथ बीजेपी नेता मदन राठौर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह दौरा न केवल बीकानेर बल्कि पूरे राजस्थान और देश के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हुआ, जो भारत के 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में एक और मजबूत कदम है।
विकास की नई गति: 26,000 करोड़ की परियोजनाएँ
प्रधानमंत्री ने बीकानेर में रेल, सड़क, बिजली, जल, और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें 103 अमृत भारत स्टेशनों का उद्घाटन शामिल है, जिन्हें 1,100 करोड़ रुपये की लागत से 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में विकसित किया गया है। बीकानेर का देशनोक स्टेशन, जो मंदिर वास्तुकला से प्रेरित है, इस योजना का एक शानदार उदाहरण है। इसके साथ ही, उन्होंने बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जो दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी।
रेलवे का आधुनिकीकरण: वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनें
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारतीय रेलवे ने अभूतपूर्व प्रगति की है। देश भर में करीब 70 रूटों पर वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, जो भारत की नई गति और प्रगति का प्रतीक हैं। इसके अलावा, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,300 से अधिक स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है। ये स्टेशन न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होंगे बल्कि स्थानीय संस्कृति और विरासत को भी दर्शाएंगे। उदाहरण के लिए, देशनोक स्टेशन को मंदिर वास्तुकला से सजाया गया है, जबकि बिहार के थावे स्टेशन पर मधुबनी चित्रकला की झलक दिखती है।