लॉरेंस गैंग के खिलाफ तीन जिलों में छापेमारी, आतंकी फंडिंग और हवाला नेटवर्क पर निशाना
लॉरेंस गैंग के खिलाफ बड़ी छापेमारी की, जिसमें आतंकी फंडिंग, हवाला और अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े 13 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई हुई। स्थानीय पुलिस ने सहयोग किया, लेकिन एनआईए का आधिकारिक बयान अभी बाकी है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार सुबह राजस्थान के तीन जिलों—श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और दौसा—में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस ऑपरेशन में आतंकी फंडिंग, अवैध हथियारों की सप्लाई और विदेशी हवाला नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच को गति दी गई। एनआईए की टीमें सुबह-सुबह 13 से ज्यादा ठिकानों पर पहुंचीं, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय पुलिस ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है, हालांकि एनआईए की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
श्रीगंगानगर में 11 ठिकानों पर छापेमारी
श्रीगंगानगर में एनआईए ने 11 इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। इनमें अशोक नगर, पुरानी आबादी और रावला थाना क्षेत्र शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि एक टीम ने रावला मंडी थाना क्षेत्र के 9 पीएसडी गांव में जेल में बंद एक आरोपी साहिल के घर पर भी सर्च किया। साहिल के परिवार से पूछताछ की गई, जिससे गैंग के नेटवर्क के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
इस कार्रवाई का आधार दो बड़े मामले हैं, जो मई 2025 में दर्ज किए गए थे। पहला मामला कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 20 मई 2025 को देवेंद्र भांभू, सुभाष और सतनाम को गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से 330 ग्राम हेरोइन, चार विदेशी ग्लॉक पिस्टल (ऑस्ट्रिया निर्मित, 9 एमएम) और एक जिगना पिस्टल (तुर्की निर्मित, 30 बोर) के साथ 29 कारतूस बरामद किए गए थे।