राजस्थान में एम्बुलेंस सेवाओं पर संकट: 108 और 104 सेवाएं आज रात से अनिश्चितकाल के लिए बंद, कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों की बढ़ेंगी मुश्किलें

राजस्थान में 28 दिसंबर 2025 की रात 12 बजे से 108 और 104 निशुल्क एम्बुलेंस सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद हो जाएंगी। राजस्थान एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन ने वेतन में 30% बढ़ोतरी, हर साल 10% इंक्रीमेंट और ड्यूटी को 12 घंटे से 8 घंटे करने की मांग को लेकर हड़ताल का ऐलान किया है। करीब 3000 कर्मचारियों का वर्तमान वेतन 12,730 रुपये है। नए टेंडर में मांगें अनदेखी होने से आक्रोशित कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर उतर आए हैं, जिससे इमरजेंसी मरीजों को भारी परेशानी हो सकती है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 28, 2025 • 5:03 PM  14
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
राजस्थान में एम्बुलेंस सेवाओं पर संकट: 108 और 104 सेवाएं आज रात से अनिश्चितकाल के लिए बंद, कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों की बढ़ेंगी मुश्किलें
“राजस्थान में एम्बुलेंस सेवाओं पर संकट: 108 और 104 सेवाएं आज रात से अनिश्चितकाल के लिए बंद, कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों की बढ़ेंगी मुश्किलें”
Favicon
Read more on thekhatak.com
28 Dec 2025
https://thekhatak.com/rajasthan-108-104-ambulance-strike-from-december-28-2025
Google News
Copied
राजस्थान में एम्बुलेंस सेवाओं पर संकट: 108 और 104 सेवाएं आज रात से अनिश्चितकाल के लिए बंद, कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों की बढ़ेंगी मुश्किलें

जयपुर: राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। राज्य की निशुल्क एम्बुलेंस सेवाएं 108 और 104 आज रात 12 बजे से अनिश्चितकाल के लिए बंद होने वाली हैं। यह फैसला राजस्थान एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन ने लिया है, जो लंबे समय से अपनी मांगों की अनदेखी से आक्रोशित है। इस हड़ताल से इमरजेंसी मामलों में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां ये सेवाएं जीवन रक्षक का काम करती हैं।

क्या है पूरा मामला? राजस्थान एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस हड़ताल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यूनियन ने स्वास्थ्य विभाग से कई बार मांग की थी कि कर्मचारियों के वेतन में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए और ड्यूटी को 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया जाए। इसके अलावा, हर साल 10 प्रतिशत की दर से वेतन वृद्धि की भी मांग की गई है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, जिससे कर्मचारी मजबूरन कार्य बहिष्कार पर उतर आए हैं।यूनियन के अनुसार, नया टेंडर जारी होने के बाद कंपनी मोर्डन इमरजेंसी सर्विसेज ने RFP (Request for Proposal) में इन मांगों को शामिल नहीं किया, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ गया। वीरेंद्र सिंह ने कहा, "हमारी मांगें जायज हैं। हम दिन-रात मरीजों की सेवा करते हैं, लेकिन हमारा शोषण हो रहा है। अगर सरकार ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो हड़ताल जारी रहेगी।"राजस्थान में ये एम्बुलेंस सेवाएं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा हैं। 108 सेवा इमरजेंसी मामलों जैसे दुर्घटना, हार्ट अटैक या प्रसव के लिए है, जबकि 104 सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण के लिए। इन सेवाओं में करीब 3,000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनका वर्तमान वेतन मात्र 12,730 रुपये है। यूनियन का दावा है कि यह वेतन उनकी मेहनत के अनुरूप नहीं है, खासकर जब वे 12 घंटे की शिफ्ट में काम करते हैं।

हड़ताल से क्या होंगी दिक्कतें? अगर ये सेवाएं बंद हो गईं, तो राज्य में इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है। उदाहरण के लिए, दुर्घटना के मामलों में 108 एम्बुलेंस का रेस्पॉन्स टाइम महत्वपूर्ण होता है, लेकिन हड़ताल के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था न होने से मरीजों को निजी एम्बुलेंस या टैक्सी का सहारा लेना पड़ सकता है, जो महंगा और असुविधाजनक होगा।पिछले अनुभवों से पता चलता है कि ऐसी हड़तालें स्वास्थ्य व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। 2019 में भी राजस्थान में एम्बुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल से सेवाएं प्रभावित हुई थीं, और मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। इस बार भी, अगर हड़ताल लंबी चली, तो अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ सकती है, और सरकार को रेस्मा (Rajasthan Essential Services Maintenance Act) जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं, जैसा कि हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में उल्लेख किया गया है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter