राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2025: साइंस में निहारिका ने मारी बाजी, कोरोना में पिता को खोया, मां की सीख से जिला टॉप कर दिखाया
बाड़मेर: निहारिका जांगिड़ ने कोरोना महामारी में पिता को खोने के बाद मां लीला सुथार की प्रेरणा से कड़ी मेहनत की और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर के विज्ञान वर्ग में 99% अंकों (495/500) के साथ बाड़मेर जिला टॉप किया। वह जयपुर में रहकर पढ़ाई कर रही हैं और ‘Nick’s_art_and_craft’ यूट्यूब चैनल चलाती हैं, जहां वह अपनी पेंटिंग और क्राफ्ट की प्रतिभा दिखाती हैं। भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान में 100% अंक हासिल करने वाली निहारिका की कहानी मेहनत और हौसले की मिसाल है।
बाड़मेर: जीवन की सबसे कठिन घड़ियों में भी हौसले की उड़ान संभव है, यह साबित किया है बाड़मेर की बेटी निहारिका जांगिड़ ने। कोरोना महामारी की त्रासदी में अपने पिता को खोने के बाद भी निहारिका ने हार नहीं मानी। मां की प्रेरणा और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर के विज्ञान वर्ग में 99% अंकों के साथ जिला टॉप कर एक मिसाल कायम की है। 500 में से 495 अंक हासिल कर निहारिका ने न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा बनीं, जो मुश्किलों में भी सपनों को सच करने का जज्बा रखता है।
मां की सीख बनी हौसले की मशाल
निहारिका के पिता किशोर जांगिड़ का निधन कोविड काल में हो गया था। इस दुखद घटना ने निहारिका और उनकी मां लीला सुथार के जीवन को झकझोर दिया। लेकिन मां लीला, जो बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में कार्यरत हैं, ने निहारिका को हिम्मत और मेहनत का पाठ पढ़ाया। मां की सीख को आत्मसात करते हुए निहारिका ने दिन-रात एक कर पढ़ाई में जुट गईं। वह बताती हैं कि उनकी मां ने उन्हें हमेशा कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। निहारिका इन दिनों जयपुर में अपनी बुआ के पास रह रही हैं और जल्द ही बाड़मेर लौटेंगी।
पढ़ाई के साथ रचनात्मकता का जादू
निहारिका केवल किताबी कीड़ा नहीं हैं, बल्कि एक रचनात्मक प्रतिभा की धनी भी हैं। उन्हें पेंटिंग और क्राफ्ट का बेहद शौक है। अपने खाली समय में वह ‘Nick’s_art_and_craft’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाती हैं, जहां उनकी रचनात्मकता की झलक देखने को मिलती है। पढ़ाई में 8-9 घंटे की कड़ी मेहनत के साथ-साथ वह अपनी हॉबी को भी समय देती हैं, जो उनकी मानसिक मजबूती का राज है।