"राजस्थान विधानसभा: सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच हुई जोरदार 'भिड़ंत', अचानक बदला सदन का मिजाज"

राजस्थान विधानसभा में जोरदार बहस हुई। आंकड़ों की बाजीगरी को लेकर 'भिड़े' सत्तापक्ष-विपक्ष, सदन में काफी देर तक हंगामा होता रहा।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
February 3, 2026 • 3:06 PM  10
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"राजस्थान विधानसभा: सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच हुई जोरदार 'भिड़ंत', अचानक बदला सदन का मिजाज"

राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान अदालतों के गठन और लंबित मुकदमों के बोझ को लेकर जोरदार बहस हुई। मामला तब गरमाया जब कांग्रेस विधायक सुरेश गुर्जर ने खानपुर में पिछले 9 साल से अटके हुए कोर्ट के प्रस्ताव पर सरकार को घेरा। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और विधि मंत्री जोगाराम पटेल के बीच आंकड़ों की बाजीगरी को लेकर सदन में काफी देर तक शोर-शराबा होता रहा।

खानपुर कोर्ट का मुद्दा: 9 साल का इंतज़ार

विधायक सुरेश गुर्जर ने सवाल उठाया कि झालावाड़ के खानपुर में एसीजेएम (ACJM) कोर्ट खोलने का प्रस्ताव 8 दिसंबर 2014 से लंबित है। उन्होंने सदन को बताया खानपुर में सिविल और फौजदारी के 4700 से ज्यादा मुकदमे पेंडिंग हैं, जिससे आम जनता को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है।

कोर्ट की बिल्डिंग बनकर तैयार है, लेकिन प्रशासनिक मंजूरी के अभाव में ताले लगे हैं। गुर्जर ने सीधा सवाल किया कि क्या सरकार आगामी बजट में इसे खोलने का विचार रखती है?

विधि मंत्री का जवाब: 'हाईकोर्ट की सहमति का है इंतज़ार'

विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने सरकार का पक्ष रखते हुए स्वीकार किया कि प्रस्ताव काफी पुराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से अनेक बार रिस्पांस और रिक्वेस्ट भेजी गई है, लेकिन उच्च न्यायालय (High Court) की ओर से अंतिम सहमति आनी अभी बाकी है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार एक बार फिर हाईकोर्ट से विशेष आग्रह करेगी ताकि खानपुर के लोगों को जल्द कोर्ट की सौगात मिल सके।

आंकड़ों की जंग: किसने खोले कितने कोर्ट?

जब विपक्ष ने सरकार को घेरा कि पिछले दो वर्षों में कितने प्रस्ताव मंजूर हुए, तो विधि मंत्री ने जवाब दिया कि कोर्ट खोलना एक "सतत प्रक्रिया" है। उन्होंने पिछली सरकार की तुलना में वर्तमान सरकार के आंकड़ों को सदन में रखते हुए विपक्ष को निरुत्तर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि हमने 9 डीजे कोर्ट खोले हैं। आपने (कांग्रेस सरकार) केवल 1 ACB कोर्ट खोला, हमने 7 कोर्ट खोले। आपके कार्यकाल में 1 CJM कोर्ट खुला, हमने 8 खोल दिए हैं। जोगाराम पटेल ने कहा कि 'नेता प्रतिपक्ष कल्पना करें, यह सरकार 5 साल में न्यायिक इतिहास रचेगी।'

नेता प्रतिपक्ष का वार- 'बहानेबाजी बंद करे सरकार'

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के तर्कों को "बहानेबाजी" करार दिया। उन्होंने कहा कि आमतौर पर सरकारें बजट या मुकदमों की कमी का बहाना बनाती हैं, लेकिन खानपुर के मामले में बिल्डिंग तैयार है, मुकदमे पर्याप्त हैं और रजिस्ट्रार जोधपुर से प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।

जूली ने सवाल किया कि जब सारी औपचारिकताएं पूरी हैं, तो सरकार घोषणा करने से क्यों कतरा रही है? इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा।

'सस्ता और सुलभ न्याय' हमारा संकल्प

बहस के अंत में विधि मंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया कि सरकार की प्राथमिकता 'सस्ता, सुलभ और शीघ्र न्याय' प्रदान करना है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के न्यायिक इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि जितने नए केस अदालतों में आ रहे हैं, उससे ज्यादा पुराने मामलों का निपटारा (Disposal) किया जा रहा है। सरकार अदालतों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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