जनता की ताकत के आगे झुका प्रशासन: नागौर में 14 घंटे बाद मानी मांगें
नागौर में आरएलपी की जन आक्रोश रैली में हजारों लोग शामिल हुए, हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में 14 घंटे के धरने के बाद प्रशासन ने किसानों, युवाओं और निष्पक्षता से जुड़ी मांगें मान लीं।
राजस्थान के नागौर जिले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) द्वारा आयोजित जन आक्रोश रैली ने सोमवार को ऐतिहासिक रूप ले लिया। भारी बारिश के पूर्वानुमान के बावजूद हजारों लोग पशु प्रदर्शनी स्थल पर जनसैलाब के रूप में एकत्रित हुए और आरएलपी प्रमुख व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। लगभग 14 घंटे तक चले इस धरने के बाद रात 2:05 बजे जिला कलेक्टर मंच पर पहुंचे और मांगों पर सहमति बनने के बाद रात 2:15 बजे धरना समाप्त कर दिया गया।
आरएलपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आरोप था कि नागौर जिले में प्रशासन और पुलिस द्वारा जनहित से जुड़े मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है। किसानों, युवाओं और आम जनता से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। पार्टी ने दावा किया कि जनता की आवाज को दबाया जा रहा है और प्रशासन निष्पक्ष कार्यवाही करने में विफल रहा है। इस रैली का उद्देश्य इन मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के लिए मजबूर करना था।
दिनभर का घटनाक्रम
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सुबह: रैली की शुरुआत सुबह 11:15 बजे से हुई, जिसमें ग्रामीण, किसान, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। नागौर जिला मुख्यालय पर लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।