"बाड़मेर: शाम 6 बजे तक आंशिक छूट, 4 से 6 बजे तक आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध, इसके बाद ब्लैकआउट लागू"
बाड़मेर जिला प्रशासन ने 10 मई 2025 को शाम 6 बजे तक आंशिक छूट की घोषणा की है, जिसके बाद पूर्ण ब्लैकआउट लागू होगा। आवश्यक सेवाओं जैसे दवा, किराना, सब्जी, डेयरी और पेट्रोल पंप को शाम 4 से 6 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है। यह कदम भारत-पाक तनाव और ड्रोन गतिविधियों के बीच नागरिकों की सुरक्षा और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor
May 10, 2025 • 5:19 PM 36
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राजस्थान
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“"बाड़मेर: शाम 6 बजे तक आंशिक छूट, 4 से 6 बजे तक आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध, इसके बाद ब्लैकआउट लागू"”
बाड़मेर, राजस्थान: भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच बाड़मेर जिला प्रशासन ने शनिवार, 10 मई 2025 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जिला प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शाम 6 बजे तक आंशिक छूट की घोषणा की है, जिसके बाद पूर्ण ब्लैकआउट लागू होगा। इस अवधि में अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने पर सख्त पाबंदी रहेगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक सेवाओं से संबंधित दुकानें, जैसे कि दवा की दुकानें, किराना स्टोर, सब्जी मंडी, डेयरी उत्पाद और पेट्रोल पंप, केवल शाम 4 बजे से 6 बजे तक खुल सकेंगी। यह निर्णय नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है, ताकि वे इस संकटकाल में अपनी जरूरतें पूरी कर सकें।
ब्लैकआउट और आंशिक छूट का विवरण
बाड़मेर जिला प्रशासन ने 10 मई 2025 को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की, जिसमें बताया गया कि नागरिकों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। जिला कलेक्टर टीना डाबी और पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने शहर का दौरा कर लोगों से घरों में रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
आंशिक छूट: शाम 6 बजे तक आंशिक छूट दी गई है, जिसके तहत आवश्यक सेवाओं से संबंधित दुकानें जैसे:
मेडिकल स्टोर: दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए।
किराना दुकानें: रोजमर्रा की जरूरतों जैसे आटा, चावल, दाल आदि के लिए।
सब्जी मंडी: ताजी सब्जियों की आपूर्ति के लिए।
डेयरी उत्पाद: दूध, दही, पनीर आदि की उपलब्धता के लिए।
पेट्रोल पंप: ईंधन की आपूर्ति के लिए। इन सभी को शाम 4 बजे से 6 बजे तक खोलने की अनुमति है।
पूर्ण ब्लैकआउट: शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक जिले में पूर्ण ब्लैकआउट लागू रहेगा। इस दौरान सभी घरों, दुकानों और संस्थानों को अपनी लाइटें बंद रखने और सड़कों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने का निर्देश दिया गया है।
सुरक्षा के लिए सख्त दिशा-निर्देश
बाड़मेर प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से कई सख्त नियम लागू किए हैं:
ड्रोन और आतिशबाजी पर प्रतिबंध: जिले में ड्रोन का संचालन और आतिशबाजी का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।
नो एंट्री जोन: डिफेंस एरिया के 5 किलोमीटर के दायरे में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है।
सायरन प्रोटोकॉल: सायरन बजने पर नागरिकों को तुरंत अपने घरों में शरण लेने और सभी लाइटें बंद करने का निर्देश है।
आपातकालीन तैयारी: नागरिकों को मोबाइल चार्ज, फ्लैशलाइट, पानी, सूखा खाद्य पदार्थ और फर्स्ट एड किट तैयार रखने की सलाह दी गई है।
भारत-पाक तनाव और ‘ऑपरेशन सिंदूर’
बाड़मेर में लागू ये सख्त उपाय भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का परिणाम हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने 7-8 मई की रात बाड़मेर, बीकानेर और फलोदी के एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश की। भारतीय वायुसेना ने S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए इन हमलों को नाकाम कर दिया।
जिला कलेक्टर टीना डाबी ने कहा, “बाड़मेर एक संवेदनशील सीमा जिला है। राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी नागरिक प्रशासन का सहयोग करें और अफवाहों से बचें।”
नागरिकों से अपील
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि पुलिस और प्रशासन 24 घंटे अलर्ट है। उन्होंने कहा, “घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। बाड़मेर की जनता ने हमेशा प्रशासन का साथ दिया है, और इस बार भी हम मिलकर इस चुनौती का सामना करेंगे।”
वाहनों की हेडलाइट्स और मोबाइल फ्लैशलाइट का उपयोग न करें।
निष्कर्ष
बाड़मेर में लागू ब्लैकआउट और आंशिक छूट के नियम नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करते हुए नागरिक इस संवेदनशील समय में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता के लिए दी गई छूट का उपयोग करें, लेकिन अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।