चक्रवाती तूफान की मार से सराबोर राजस्थान उदयपुर-चित्तौड़गढ़-जयपुर में रातभर झमाझम बरसात23 जिलों में रेड अलर्ट.
अरब सागर + बंगाल खाड़ी के डबल चक्रवात 'मॉंथा' ने राजस्थान को भिगो दिया! उदयपुर-चित्तौड़गढ़-जयपुर में रातभर झमाझम, बड़ी सादड़ी बाजार डूबे, अणास + गंधी सागर बांधों के गेट खुले। आज 23 जिलों में भारी बारिश-वज्रपात अलर्ट, तापमान 5° गिरा, सर्दी की दस्तक! 30 अक्टूबर तक बरसात का कहर, खेत हरे लेकिन सड़कें तालाब।
जयपुर/उदयपुर, 28 अक्टूबर 2025: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में विकराल रूप धारण कर चुके चक्रवाती तूफानों ने राजस्थान को भारी बारिश का ग्रास बना लिया है। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और जयपुर समेत कई जिलों में लगातार बरसात ने शहरों को जलमग्न कर दिया। बाजारों, सड़कों और घरों में पानी भर गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी 23 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि तापमान में अचानक 4-5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह बारिश का सिलसिला 30 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
चक्रवाती सिस्टम का कहर: बंगाल की खाड़ी से उठा 'मॉंथा' तूफान, अरब सागर का डिप्रेशन भी सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन ने अब डीप डिप्रेशन का रूप ले लिया है, जो मंगलवार को चक्रवाती तूफान 'मॉंथा' में तब्दील हो चुका है। यह तूफान 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराने की कगार पर है। वहीं, अरब सागर के मध्य-पूर्वी भाग में एक अन्य निम्न दाब का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है, जिसकी नमी वाली हवाएं राजस्थान के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों को भिगो रही हैं। इन दोनों सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से राज्य में असामान्य बेमौसम बारिश का दौर चल रहा है।सोमवार को उदयपुर में 45 मिमी, चित्तौड़गढ़ में 38 मिमी, जयपुर में 25 मिमी और कोटा में 32 मिमी वर्षा दर्ज की गई। रातभर चली बरसात ने कई नदियों और जलाशयों को उफान पर ला दिया। चित्तौड़गढ़ के बड़ी सादड़ी क्षेत्र में मंगलवार सुबह भी झमाझम बारिश हुई, जिससे स्थानीय बाजारों में घुटने तक पानी भर गया। राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि दुकानदारों ने अस्थायी बैरिकेडिंग कर पानी को रोका। इसी तरह, उदयपुर के झील क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ा, और जयपुर के सिविल लाइंस व वसुंधरा इलाकों में जलभराव की शिकायतें दर्ज हुईं।