गंगासरोवर कैचमेंट क्षेत्र में बड़ा अवैध खनन घोटाला बेनकाब
बीकानेर के कोलायत तहसील में गंगासरोवर कैचमेंट क्षेत्र में खनन माफियाओं ने 23.79 लाख क्यूबिक मीटर खनिज का अवैध उत्खनन किया। ड्रोन सर्वे व विशेषज्ञों की जांच के बाद 12.10 लाख मीट्रिक टन क्ले को ई-ऑक्शन से नीलाम करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
कोलायत (बीकानेर)। राजस्थान के बीकानेर जिले की कोलायत तहसील स्थित गंगासरोवर (गंगापुरा) के जल संग्रहण क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से चल रहे बड़े पैमाने पर अवैध खनन का मामला अब पूरी तरह सामने आ गया है। ड्रोन सर्वे और खनिज अभियंताओं-भू-वैज्ञानिकों की संयुक्त टीम के निरीक्षण के बाद पता चला है कि यहाँ करीब 23.79 लाख क्यूबिक मीटर खनिज का अवैध उत्खनन किया गया, जिसमें से 12.10 लाख मीट्रिक टन उपयोगी चाइना क्ले (बॉल क्ले) को ई-ऑक्शन के जरिए नीलाम किया जाएगा।
तीन साल तक चला अवैध खेल खनन माफियाओं ने गंगासरोवर के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार तीन साल तक दिन-रात अवैध खनन और परिवहन किया। इस दौरान बनाए गए 21 बड़े-बड़े गड्ढे (पिट्स) आज भी मौजूद हैं, जिनका कुल आयतन 28.82 लाख क्यूबिक मीटर है। इन पिट्स से निकाले गए खनिज को पास ही 147 अलग-अलग स्थानों पर स्टॉक कर दिया गया था। ये स्टॉक आज भी मौके पर मौजूद हैं।
ड्रोन सर्वे से खुला पूरा राज मामले की गंभीरता को देखते हुए खान विभाग ने मैसर्स गरुड़ सर्वे प्राइवेट लिमिटेड को ड्रोन सर्वे का जिम्मा सौंपा। 25 से 28 नवंबर 2025 के बीच खनिज अभियंताओं और भू-वैज्ञानिकों की मौजूदगी में ड्रोन और डीजीपीएस सर्वे किया गया। इस सर्वे में सामने आया कि: गंगापुरा, मोटावतान और शिव सुथारण क्षेत्र में 147 स्टॉक्स में कुल 23.79 लाख क्यूबिक मीटर खनिज मौजूद है। इसमें मुख्य रूप से चाइना क्ले (बॉल क्ले) के साथ-साथ ओवरबर्डन, मलबा और अन्य खनिजों का मिश्रण है।